जून में घूमने की योजना बना रहे हैं? इन 5 चीजों का रखें ध्यान
क्या है खबर?
जून का महीना गर्मियों का अंत और बारिश की शुरुआत का संकेत देता है। इस समय घूमने की योजना बनाना एक अच्छा विचार हो सकता है। बारिश के मौसम में घूमने से न केवल नई जगहों की खूबसूरती देखने को मिलती है, बल्कि उमस भरे मौसम से भी राहत मिलती है। इसके अलावा यह आपके लिए अपने दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताने का एक अच्छा मौका भी हो सकता है।
#1
सही जगह चुनें
जून में घूमने के लिए सही जगह चुनना बहुत जरूरी है। इस समय उत्तर भारत के पहाड़ी इलाके जैसे मनाली, शिमला, दार्जिलिंग आदि जगहें बहुत खूबसूरत लगती हैं। इसके अलावा दक्षिण भारत के पहाड़ों वाले स्थान जैसे मुन्नार, ऊटी, कुन्नूर और कोडाइकनाल भी एक बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। अगर आप समुद्र के किनारे की तलाश में हैं तो अंडमान-निकोबार, गोवा, केरलम और दमन और दीव भी एक अच्छा विकल्प हैं।
#2
मौसम की जानकारी रखें
गर्मियों के अंत और बारिश की शुरुआत में मौसम काफी अनिश्चित होता है। इसलिए किसी भी जगह की यात्रा करने से पहले वहां के मौसम की जानकारी रखना जरूरी है। इससे आप अपने कपड़े और अन्य जरूरी सामान सही तरीके से पैक कर सकेंगे। अगर किसी जगह पर ज्यादा बारिश का अनुमान हो तो बेहतर होगा कि आप किसी अन्य जगह का रुख करें।
#3
यात्रा के लिए सही साधन चुनें
जून में घूमने के लिए सही यात्रा साधन चुनना भी अहम है। अगर आपकी यात्रा की दूरी कम है तो बस या रेल सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है, वहीं अगर आपको किसी दूर की जगह पर जाना है तो हवाई यात्रा करना बेहतर रहेगा। इसके अलावा अंडमान-निकोबार या दमन और दीव जैसे द्वीपों पर जाने के लिए नाव या समुद्री जहाज का इस्तेमाल किया जा सकता है।
#4
अपनी यात्रा का समय तय करें
जून में बारिश की शुरुआत के कारण बारिश होने की संभावना रहती है, इसलिए अपनी यात्रा का समय तय करते समय इस बात का ध्यान रखें। अगर आप किसी पहाड़ी जगह पर घूमने जा रहे हैं तो सुबह जल्दी उठकर घूमने निकल जाएं क्योंकि इस समय मौसम काफी अच्छा रहता है। बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन हो सकती है, ऐसे में सावधानी बरतते हुए धीरे-धीरे चलें।
#5
स्थानीय भोजन का आनंद लें
किसी भी जगह पर घूमने का असली मजा वहां का स्थानीय भोजन चखे बिना अधूरा रह जाता है। इसलिए अपनी यात्रा के दौरान स्थानीय व्यंजनों का स्वाद जरूर लें। इससे आपको न केवल नई चीजों के बारे में जानने को मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के साथ बातचीत करने का भी मौका मिलेगा। इसके अलावा स्थानीय व्यंजनों का स्वाद चखने से आपको वहां की संस्कृति और परंपराओं के बारे में भी पता चलेगा।