इस साल सेहतमंद रहने के लिए रोजाना करें ये 5 सदियों पुराने भारतीय वेलनेस रिवाज
क्या है खबर?
आज के समय में भारत के पुराने वेलनेस रिवाजों को देश के लोग भूलते जा रहे हैं। हालांकि, यही रिवाज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रेंड बनते जा रहे हैं। नए साल की शुरुआत में ही इन 5 देसी वेलनेस रिवाजों को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना लें। ये पीढ़ियों से चले आ रहे हैं और प्राकृतिक देखभाल पर ध्यान केंद्रित करते हैं। ये शरीर को स्वस्थ बनाने में योगदान दे सकते हैं और आपके जीवन को बेहतर बना सकते हैं।
#1
गंडूषा
पिछले कुछ सालों से सोशल मीडिया पर ऑयल पुलिंग की बहुत चर्चा हो रही है। यह असल में एक आयुर्वेदिक मौखिक स्वास्थ्य विधि है, जिसे गंडूषा कहते हैं। इसमें मुंह में घी या तेल भरा जाता है, उसे कुछ देर घुमाया जाता है और फिर थूक दिया जाता है। इससे दांत मजबूत रहते हैं, मुंह से आने वाली दुर्गंध दूर होती है और विषाक्त पदार्थ निकल जाते हैं। रोजाना सुबह इसे करें और फिर पानी से कुल्ला कर लें।
#2
अभ्यंगा
दिनभर की थकान मिटाने के लिए आप कुछ देर अभ्यंगा कर सकते हैं, जो एक चिकित्सीय प्रक्रिया है। इसमें गर्म तेलों से पूरे शरीर की मालिश की जाती है। इसमें शरीर के दोषों (वात, पित्त, कफ) के अनुसार तेल का चुनाव किया जाता है। अच्छी बात यह है कि आप खुद ही अभ्यंगा कर सकते हैं। इसे दिनचर्या का हिस्सा बनाने से रक्त संचार बेहतर होगा, त्वचा मुलायम बनेगी, आराम मिलेगा, दर्द से राहत मिलेगी और शांति महसूस होगी।
#3
जीभ साफ करना
आयुर्वेद के अनुसार, रातभर में जीभ पर 'आम' यानी विषाक्त पदार्थ जमा हो जाते हैं। सुबह इन्हें साफ करना जरूरी है, ताकि ये शरीर में प्रवेश न करें। ऐसे में आपको हर दिन ब्रश करने के बाद जीभी से जीभ साफ करनी चाहिए। प्लास्टिक के बजाय तांबे, स्टील या चांदी की जीभी का इस्तेमाल करना सही है। इनमें जीवाणुरोधी गुण होते हैं, जो बैक्टीरिया आदि का सफाया करके स्वास्थ्य का समर्थन करते हैं।
#4
उबटन
त्वचा की देखभाल करने के लिए भारतीय महिलाएं सदियों से उबटन लगाती आई हैं। इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर आप भी निखरी और कोमल त्वचा पा सकते हैं। यह बेसन, हल्दी, चंदन, दूध, दही और सरसों के तेल से बनता है। नहाने से पहले इसे पूरे शरीर पर लगा लें और रगड़ते हुए साफ करें। इससे मृत त्वचा साफ होगी, नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी, त्वचा की चमक बढ़ जाएगी और मैल भी नहीं टिकेगा।
#5
नाभि पुराणा
नाभि शरीर का एक अहम हिस्सा है, जिससे कई अन्य अंगों का स्वास्थ्य जुड़ा होता है। इसे साफ करने के साथ-साथ आपको रोजाना सोने से पहले नाभि पुराण भी करना चाहिए। यह एक आयुर्वेदिक रिवाज है, जिसमें नाभि में औषधीय तेल भरे जाते हैं। इससे शरीर में वात, पित्त और कफ का असंतुलन ठीक होता है और ऊर्जा को संतुलित किया जा सकता है। इससे पाचन स्वास्थ्य भी बेहतर हो जाता है और त्वचा की चमक भी बढ़ती है।