नई माताएं इन तरीकों से पूरी कर सकती हैं अपनी नींद, पूरे दिन रहेंगी तरोताजा
क्या है खबर?
नवजात शिशु की देखभाल नई माताओं के लिए एक चुनौतीपूर्ण काम हो सकता है। इसके साथ ही उनके लिए पर्याप्त नींद लेना भी मुश्किल हो जाता है। शिशु के जागने और सोने के चक्र को समझना बहुत जरूरी है, ताकि मां को भी आराम मिल सके। इस लेख में हम कुछ सरल और प्रभावी सुझाव देंगे, जिनसे नई माताएं अपने और अपने शिशु की नींद को बेहतर बना सकती हैं।
#1
शिशु के सोने का समय तय करें
शिशु के सोने का समय तय करना बहुत जरूरी है। इससे न केवल शिशु को, बल्कि मां को भी आराम मिलेगा। रात को सोने से पहले हल्की रोशनी में कुछ मिनट शिशु को शांत स्थान पर सुलाएं। इससे उनका दिमाग धीरे-धीरे सोने के लिए तैयार हो जाएगा। नियमितता बनाए रखने से शिशु का शरीर भी इस समय के अनुसार ढल जाता है और वह आसानी से सो जाता है। इस दौरान उन्हें लोरी सुनाना भी फायदेमंद होता है।
#2
रात का माहौल शांत रखें
रात का माहौल शांत और आरामदायक बनाना बहुत जरूरी है। शोर-शराबे से बचें और कमरे में हल्की रोशनी रखें। अगर संभव हो तो सफेद शोर मशीन का उपयोग करें, जैसे पंखे या कूलर की आवाज, जो शिशु को सुकून देती है। इसके अलावा कमरे का तापमान भी सही रखें, ताकि शिशु को ठंड या गर्मी न लगे। इस तरह का माहौल शिशु को जल्दी सोने में मदद करेगा। जब वह सो जाएगा तो आप भी सो सकेंगी।
#3
दिन में सो लें
शिशु अक्सर दिन के समय सोना ज्यादा पसंद करते हैं। इस समय का सदुपयोग करते हुए आपको भी अपनी नींद पूरी कर लेनी चाहिए। जब आपका बच्चा सो जाए तो उसके साथ ही आप भी दिन में सो लें। अगर ज्यादा देर नहीं तो कम से कम आधे घंटे की नींद लेने की कोशिश करें। इससे आप काम-काज के लिए दोबारा से ऊर्जावान महसूस करेंगी, थकान दूर हो जाएगी और रात को भी अच्छी नींद मिल जाएगी।
#4
परिवार वालों की मदद लें
शिशु को संभालने की जिम्मेदारी केवल मां की ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की होती है। इस बात को समझें और अपने पति को भी बच्चे की देखभाल करने की जिम्मेदारी दें। जब वह बच्चे को संभाल रहे हों तो आप आराम कर लें या थोड़ी देर के लिए झपकी ले लें। इसके अलावा आप शिशु को सास, ससुर, ननंद या परिवार के किसी भी अन्य सदस्य के पास भी कुछ देर के लिए छोड़ सकती हैं।