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प्रीडायबिटीज के जोखिम को बढ़ा सकती हैं ये आदतें, सावधानी बरतें
प्रीडायबिटीज का खतरा बढ़ाने वाली आदतें

प्रीडायबिटीज के जोखिम को बढ़ा सकती हैं ये आदतें, सावधानी बरतें

लेखन अंजली
Aug 24, 2026
12:53 pm

क्या है खबर?

खून में शक्कर का स्तर अधिक हो जाने को प्रीडायबिटीज कहा जाता है। यह टाइप-2 मधुमेह का शुरुआती चरण है। बता दें कि टाइप-2 मधुमेह के मरीजों में से लगभग 70 प्रतिशत को प्रीडायबिटीज होती है। यह स्थिति इंसुलिन के कम असर का नतीजा है, जिससे शरीर में इंसुलिन का निर्माण कम हो जाता है। आइए आज हम आपको रोजमर्रा की कुछ ऐसी गलत आदतों के बारे में बताते हैं, जो प्रीडायबिटीज के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

#1

ज्यादा मीठे का सेवन करना

अगर आप रोजाना खाने में ज्यादा मीठे का सेवन करते हैं तो इससे खून में शक्कर का स्तर बढ़ सकता है। इससे इंसुलिन का कम असर भी हो सकता है, जो प्रीडायबिटीज का कारण बन सकता है।

इससे टाइप-2 मधुमेह का भी खतरा बढ़ जाता है। मीठा खाने की आदत शरीर में इंसुलिन के स्तर को प्रभावित कर सकती है। इसलिए रोजाना के भोजन में मीठे का सेवन सीमित रखें और ज्यादा मीठे वाली चीजों से दूरी बना लें।

#2

पैकेटबंद खाद्य पदार्थ खाना

पैकेटबंद खाद्य पदार्थों में चर्बी, नमक और शक्कर की मात्रा अधिक होती है, जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

इन खाद्य पदार्थों का सेवन करने से वजन बढ़ सकता है और इंसुलिन का कम असर हो सकता है, जो प्रीडायबिटीज का कारण बन सकता है।

पैकेटबंद खाद्य पदार्थों में पोषक तत्वों की कमी भी होती है। इसलिए इन्हें अपनी डाइट में शामिल करने से बचें और ताजे फल-सब्जियों का सेवन करें।

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#3

बैठकर लंबे समय तक काम करना

अगर आप बैठकर लंबे समय तक काम करते हैं तो इससे खून में शक्कर का स्तर बढ़ सकता है।

लंबे समय तक बैठने से शरीर में इंसुलिन के स्तर को प्रभावित किया जा सकता है, जो प्रीडायबिटीज का कारण बन सकता है। इसलिए रोजाना की बैठकर काम करने की आदत को सुधारने की कोशिश करें।

इसके लिए आप हर आधे घंटे में 5 मिनट के लिए टहलें या कुछ हल्की-फुल्की एक्सरसाइज कर लें।

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#4

पर्याप्त नींद न लेना

नींद की कमी से शरीर में तनाव बढ़ सकता है, जिससे कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ता है और खून में शक्कर का स्तर भी। इससे इंसुलिन का कम असर हो सकता है, जो प्रीडायबिटीज का कारण बन सकता है। इसलिए रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद लेना बहुत जरूरी है।

इसके अलावा सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल न करें और सोने का समय निश्चित करें ताकि आपकी नींद पूरी हो सके।

#5

धूम्रपान करना

धूम्रपान करने से न केवल फेफड़ों को नुकसान पहुंचता है, बल्कि यह प्रीडायबिटीज के जोखिम को भी बढ़ा सकता है।

धूम्रपान करने से शरीर में सूजन बढ़ती है, जो इंसुलिन के कम असर का कारण बन सकती है। इससे खून में शक्कर का स्तर भी बढ़ सकता है।

अगर आप धूम्रपान करते हैं तो इसे छोड़ने की कोशिश करें। इसके लिए डॉक्टर से सलाह लें और सही तरीके से निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी अपनाएं।

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