15वीं सदी में भारत आए थे ये 5 खाद्य पदार्थ, आज तक हैं लोगों के पसंदीदा
क्या है खबर?
कई व्यंजन भारत में बाहर के देशों से आए हैं, जो आज भारतीय खाने का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऐसा ही कुछ 15वीं सदी में हुआ था, जब पुर्तगाली और अरब व्यापारियों ने कई विदेशी खाद्य पदार्थों को भारतीय खान-पान में शामिल कर दिया था। आइए आज हम आपको 15वीं सदी में भारत आए 5 विदेशी खाद्य पदार्थों के बारे में बताते हैं, जो अब भारतीय ही माने जाते हैं और खूब पसंद किए जाते हैं।
#1
आलू
आपको जानकर हैरानी होगी, लेकिन आलू भारत में 15वीं सदी में आया था। पुर्तगाली व्यापारियों ने इसे भारत लाया था। तब से लेकर अब तक आलू भारतीय खाने का अहम हिस्सा बना हुआ है। आलू से बने पराठे, आलू की सब्जी, आलू की टिक्की और आलू के कई अन्य व्यंजन देश के हर कोने में लोकप्रिय हैं। आलू का उपयोग भारतीय रसोई में कई तरह के खाने को बनाने के लिए किया जाता है।
#2
पनीर
पनीर भी 15वीं सदी में भारत में आया था और इसे भी पुर्तगाली व्यापारियों ने पेश किया था। यह एक दूध से बना उत्पाद है, जो आज भारतीय खाने का अहम हिस्सा है। पनीर से बने विभिन्न व्यंजन जैसे पनीर टिक्का, पनीर मक्खनी और पनीर भुर्जी पूरे देश में बहुत पसंद किए जाते हैं। पनीर का उपयोग सब्जियों के साथ-साथ मिठाइयों में भी किया जाता है, जिससे यह भारतीय रसोई में बहुत ही लोकप्रिय हो गया है।
#3
टमाटर
टमाटर भी 15वीं सदी में पुर्तगालियों द्वारा भारत लाया गया था और आज यह भारतीय खाने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। आज इसके बिना कोई भी सब्जी नहीं बनाई जाती है। टमाटर के खट्टे-मीठे स्वाद ने कई भारतीय सब्जियों और चटनी को खास बनाया है। टमाटर का उपयोग सब्जियों, सूप और चटनी आदि में किया जाता है, जिससे यह भारतीय रसोई की शान बन गया है। अब तो टमाटर के बिना कई व्यंजन अधूरे से लगते हैं।
#4
मिर्च
मिर्च भी 15वीं सदी में पुर्तगालियों द्वारा भारत लाई गई थी। मिर्च ने भारतीय खाने में तीखापन जोड़ने का काम किया है। इसके बिना आज का भारतीय खाना अधूरा-सा लगता है। मिर्च का उपयोग सब्जियों, चटनी और कई अन्य व्यंजनों में किया जाता है, जिससे यह भारतीय रसोई की शान बन गया है। अब तो मिर्च के बिना कई व्यंजन अधूरे से लगते हैं और इसके तीखेपन ने खाने का मजा दोगुना कर दिया है।
#5
अनार
अनार भी 15वीं सदी में पुर्तगालियों द्वारा भारत लाए गए फलों में से एक था। इसकी सुंदरता और स्वाद, दोनों ही लोगों को आकर्षित करते हैं। अनार का उपयोग मिठाइयों, सलाद और कई अन्य व्यंजनों में किया जाता है, जिससे यह भारतीय रसोई की शान बन गया है। अब तो अनार के बिना कई व्यंजन अधूरे से लगते हैं और इसके ताजगी भरे स्वाद ने खाने का मजा दोगुना कर दिया है।