अमेरिका-ईरान तनाव के बीच फिर उछला कच्चा तेल, 112 डॉलर के करीब पहुंची कीमत
क्या है खबर?
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तीसरे दिन बढ़ोतरी देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 112 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 108 डॉलर के ऊपर कारोबार करता दिखा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर युद्ध खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए समझौता करने का दबाव बनाया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास फैसला लेने के लिए अब बहुत कम समय बचा है।
चिंता
होर्मुज जलडमरूमध्य से बढ़ी बाजार की चिंता
फरवरी के आखिर में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद से तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ोतरी हो चुकी है। इसका बड़ा कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल सप्लाई में कमी माना जा रहा है। यह रास्ता दुनिया के सबसे अहम तेल व्यापार मार्गों में शामिल है। मॉर्गन स्टेनली ने चेतावनी दी है कि अगर जून तक यह रास्ता पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ तो बाजार में और दबाव बढेगा और कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।
दबाव
रूस और खाड़ी क्षेत्र की घटनाओं से बढ़ा दबाव
तेल बाजार पर दबाव उस समय और बढ़ गया जब ट्रंप प्रशासन ने रूसी कच्चे तेल की बिक्री से जुड़ी कुछ छूट खत्म होने दी। इसी बीच फारस की खाड़ी में ऊर्जा केंद्रों पर ड्रोन हमलों की खबरें भी सामने आईं। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की परमाणु सुविधा में आग लग गई। इन घटनाओं के बाद युद्धविराम को लेकर चिंता बढ़ गई है। ईरानी मीडिया ने भी कहा कि बातचीत में अभी तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।
संकेत
अमेरिका और इजरायल ने दिए सख्त संकेत
ट्रंप ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ ईरान मुद्दे पर कई अहम बैठकें की हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका समझौता चाहता है, लेकिन ईरान अभी उनकी उम्मीदों के मुताबिक आगे नहीं बढ़ रहा है। दूसरी तरफ इज़राइल ने भी संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर हमले दोबारा शुरू किए जा सकते हैं। इजरायली सुरक्षा कैबिनेट के सदस्य जेव एल्किन ने कहा कि उनके पास अब भी कई ऐसे लक्ष्य हैं, जिन पर आगे कार्रवाई की जा सकती है।