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रोजमर्रा की ये 5 आदतें बढ़ा सकती हैं इंसुलिन प्रतिरोध का खतरा, इनसे बनाएं दूरी
इंसुलिन प्रतिरोध का खतरा बढ़ाने वाली आदतें

रोजमर्रा की ये 5 आदतें बढ़ा सकती हैं इंसुलिन प्रतिरोध का खतरा, इनसे बनाएं दूरी

लेखन अंजली
Jul 06, 2026
09:39 am

क्या है खबर?

इंसुलिन प्रतिरोध एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन हार्मोन के प्रभाव को ठीक से नहीं पहचानती हैं। इससे खून में शक्कर का स्तर बढ़ सकता है, जो मधुमेह और दिल की बीमारियों जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है। कई लोग इस स्थिति को अनदेखा कर देते हैं, लेकिन कुछ आदतें इसे बढ़ा सकती हैं। आइए आज हम आपको उन आदतों के बारे में बताते हैं, जो इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ा सकती हैं।

#1

अधिक प्रोसेस्ड फूड का सेवन

पैकेट में मिलने वाले स्नैक्स, जंक फूड और सोडा जैसे प्रोसेस्ड फूड में बहुत ज्यादा शक्कर और खराब चर्बी होती हैं, जो इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ा सकती हैं। इन खाद्य पदार्थों में पोषण की कमी होती है और ये शरीर को जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स नहीं देते। इनके सेवन से वजन बढ़ सकता है और खून में शक्कर का स्तर भी बढ़ सकता है। इसलिए इन्हें अपनी डाइट से बाहर रखें और ताजे फल-सब्जियां खाएं।

#2

पर्याप्त नींद न लेना

नींद की कमी शरीर के हार्मोन्स को प्रभावित कर सकती है, जिससे इंसुलिन प्रतिरोध बढ़ सकता है। जब हम पर्याप्त नींद नहीं लेते तो हमारे शरीर का खून में शक्कर स्तर असंतुलित हो सकता है, जिससे मधुमेह का खतरा बढ़ता है। इसलिए रोजाना 7-8 घंटे की नींद लेना बेहद जरूरी है। अच्छी नींद से न केवल हमारा मूड बेहतर रहता है, बल्कि यह हमारे शरीर की कार्यक्षमता को भी सुधारती है और इंसुलिन प्रतिरोध को कम करती है।

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#3

ज्यादा मीठा खाना

ज्यादा मीठा खाना भी इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ा सकता है। जब हम अधिक शक्कर वाला खाना खाते हैं तो हमारे शरीर में शक्कर का स्तर तेजी से बढ़ता है, जिससे इंसुलिन का स्तर भी बढ़ता है। बार-बार ऐसा होने से इंसुलिन प्रतिरोध की संभावना बढ़ती है। इसलिए मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करना चाहिए और प्राकृतिक मिठास जैसे फलों का विकल्प चुनना चाहिए। इससे खून में शक्कर का स्तर संतुलित रहता है और सेहत पर अच्छा असर पड़ता है।

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#4

शारीरिक गतिविधि की कमी

शारीरिक गतिविधि की कमी भी इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ा सकती है। आजकल लोग अधिकतर समय बैठकर काम करते हैं, जिससे शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है। नियमित व्यायाम करने से शरीर की ऊर्जा खपत प्रक्रिया सुधरती है, जिससे इंसुलिन प्रतिरोध कम होता है। रोजाना कम से कम 30 मिनट तक टहलना या हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करना फायदेमंद हो सकता है। इससे न केवल वजन नियंत्रित रहता है बल्कि ऊर्जा स्तर भी बढ़ता है और शरीर स्वस्थ रहता है।

#5

तनाव का अधिक होना

तनाव हमारे शरीर पर गहरा असर डालता है और इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ा सकता है। जब हम अधिक तनावग्रस्त होते हैं तो हमारे शरीर में तनाव हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जो इंसुलिन के कामकाज को प्रभावित करता है। इसलिए तनाव प्रबंधन करना जरूरी है। ध्यान, योग या गहरी सांस लेने जैसी तकनीक अपनाकर हम अपने तनाव को कम कर सकते हैं और इंसुलिन प्रतिरोध से बच सकते हैं।

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