चेन्नई: अपने इतिहास और सुंदरता के लिए मशहूर हैं ये 5 इमारतें, एक बार जरूर देंखे
क्या है खबर?
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई को पहले मद्रास के नाम से जाना जाता था, जो अपने समृद्ध इतिहास और विविध संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। यहां की इमारतें कई शताब्दियों की कहानियां बयां करती हैं। मद्रास हाई कोर्ट से लेकर सीनेट हाउस तक, हर इमारत अपने आप में एक अनोखा अनुभव है। आइए आज हम आपको चेन्नई की कुछ ऐसी इमारतों के बारे में बताते हैं, जो अपने इतिहास और सुंदरता के लिए मशहूर हैं।
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मद्रास हाई कोर्ट
मद्रास हाई कोर्ट दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा न्यायालय है। यह 1862 में बना था और इसकी वास्तुकला इंडो-सारसेनिक शैली में है। यह काफी ऊंचा है और इसमें एक बड़ा टावर भी शामिल है। यहां रोजाना हजारों मामलों की सुनवाई होती है। इस इमारत की खासियत इसका बड़ा हरा-भरा बगीचा है। यहां का माहौल बहुत ही शांत और व्यवस्थित है।
#2
सीनेट हाउस
सीनेट हाउस चेन्नई का एक प्रमुख ऐतिहासिक स्थल है, जिसे पहले मद्रास विश्वविद्यालय के रूप में जाना जाता था। यह इमारत 1874-1879 के बीच बनी थी और यह इंडो-सारासेनिक वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण है। यहां पर कई तरह की शैक्षिक गतिविधियां होती हैं। इस इमारत की खासियत इसका बड़ा पुस्तकालय है, जहां हजारों किताबें मिलती हैं। इसके अलावा यहां पर नियमित रूप से सेमिनार और कार्यशालाएं भी होती हैं।
#3
रिपन बिल्डिंग
रिपन बिल्डिंग चेन्नई का एक और महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है, जिसे पहले सरकारी कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। यह इमारत 1913 में बनी थी और यह इंडो-सारसेनिक और नियोक्लासिकल वास्तुकला शैली का बेहतरीन उदाहरण है। यहां पर कई सरकारी विभागों के कार्यालय थे। इस इमारत की खासियत इसका बड़ा हॉल है, जहां सरकारी बैठके होती थीं। इसके अलावा यहां पर कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते रहते हैं।
#4
फोर्ट सेंट जॉर्ज
फोर्ट सेंट जॉर्ज चेन्नई का सबसे पुराना ब्रिटिश भवन है, जिसे 1639 में बनाया गया था। यह अब तमिलनाडु विधानसभा भवन के रूप में इस्तेमाल होता है। इस किले में एक संग्रहालय भी है, जिसमें ब्रिटिश शासनकाल की कई वस्तुएं प्रदर्शित होती हैं। इस इमारत की खासियत इसका बड़ा बगीचा है, जहां लोग समय-समय पर टहलने आते रहते हैं। यहां का माहौल बहुत ही शांतिपूर्ण और सुंदर है।
#5
सेंट थॉमस कैथेड्रल बेसिलिका
सेंट थॉमस कैथेड्रल बेसिलिका चेन्नई का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जिसे 1523 में बनाया गया था। इस कैथेड्रल की वास्तुकला नव-गॉथिक शैली में है, जिसमें कई सुंदर झरोखे और मूर्तियां शामिल हैं। यहां पर हर रविवार प्रार्थना सेवाएं होती हैं। इन सभी इमारतों ने चेन्नई के इतिहास और संस्कृति को संजोए रखा है। अगर आप कभी भी चेन्नई जाएं तो इन सभी इमारतों को देखने जरूर जाएं। इनसे आपको शहर की असली झलक मिलेगी।