कश्मीर की संस्कृति का हिस्सा हैं ये स्वादिष्ट पेय, गर्मी में लें इनका आनंद
क्या है खबर?
कश्मीर की संस्कृति और खान-पान की चीजें दुनियाभर में मशहूर हैं। यहां के व्यंजनों में कई ऐसे पेय हैं, जो न केवल स्वादिष्ट हैं, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद हैं। इन पेय में स्थानीय मसाले, ताजगी और पारंपरिक विधियों का उपयोग किया जाता है। आइए आज हम आपको कश्मीर के पारंपरिक पेय के बारे में बताते हैं, जिनका स्वाद आप घर पर भी आसानी से बना सकते हैं।
#1
नून चाय
नून चाय एक अनोखा और स्वादिष्ट पेय है, जिसे गुलाबी चाय के नाम से भी जाना जाता है। यह चाय हरी चायपत्तियों से बनाई जाती है, जिसमें बादाम, दूध, नमक और इलायची मिलाई जाती है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले हरी चायपत्तियों को पानी में डालकर अच्छी तरह से पकाया जाता है, फिर उसमें नमक और बेकिंग सोडा मिलाया जाता है। बेकिंग सोडा की वजह से ही इस चाय को इसका गुलाबी रंग मिलता है।
#2
गुलाब का शरबत
गुलाब का शरबत एक ताजगी भरा पेय है, जिसे गुलाब की पंखुडियों से बनाया जाता है। इसे बनाने के लिए ताजे गुलाब की पंखुडियों को पानी में उबालकर उनका अर्क निकाला जाता है, फिर इसमें चीनी मिलाकर ठंडा किया जाता है। इस पेय को ठंडा-ठंडा परोसने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। यह पेय गर्मियों में शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ तरोताजा भी महसूस करा सकता है।
#3
कहवा
कहवा कश्मीर की सबसे मशहूर चाय है। यह चाय पारंपरिक रूप से स्थानीय केसर, इलायची, दालचीनी, कश्मीरी गुलाब और उबली हुई हरी चाय का उपयोग करके बनाई जाती है। कश्मीरी इसे और स्वादिष्ट बनाने के लिए इसमें कुटे हुए मेवे या शहद भी मिलाते हैं। अगर आप रोजाना एक कप कहवा का सेवन करते हैं तो यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने समेत कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकता है।
#4
बाबरीब्योल त्रेस
बाबरीब्योल त्रेस कश्मीर में मिलने वाला एक खास पेय है, जिसे कांड शरबत भी कहते हैं। यह एक ठंडक देने वाला और स्फूर्तिदायक दूध से बना पेय है, जो विशेष रूप से गर्मियों के महीनों में लोकप्रिय होता है। इसे दूध, चीनी, पिसे हुए बादाम, केसर और भिगोए हुए मीठे तुलसी के बीजों से बनाया जाता है। इसे शरीर को ठंडा रखने वाले पदार्थ के रूप में पसंद किया जाता है और इसे रोजा खोलने के लिए पिया जाता है।