दुनिया की पहली कैंसर वैक्सीन दोबारा मेलेनोमा होने या मौत के जोखिम को करती है कम
क्या है खबर?
कैंसर दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारी है, जिसका इतने सालों में भी सटीक इलाज नहीं खोजा जा सका था। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने आज से 20 साल पहले इससे बचाव के लिए दुनिया की पहली वैक्सीन बनाई थी। अब इसी देश के वैज्ञानिकों ने एक शोध किया है, जिसमें त्वचा के कैंसर के बचाव वाली वैक्सीन बनाई गई है। इससे सामने आया कि दुनिया की पहली कैंसर वैक्सीन दोबारा मेलेनोमा होने या मौत के जोखिम को कम करती है।
शोध
वैक्सीन के बारे में जानकारी
मेलानोमा इंस्टीट्यूट ऑस्ट्रेलिया (MIA) की कैंसर विशेषज्ञ जॉर्जिना लॉन्ग की टीम ने यह शोध किया। उन्होंने इसके परिणाम को 'यूरोपियन सोसाइटी फॉर मेडिकल ऑन्कोलॉजी कांग्रेस 2026' में प्रस्तुत किया।
इन वैज्ञानिकों ने पहली mRNA कैंसर वैक्सीन बनाई है, जो अब तीसरे चरण के नैदानिक परीक्षण में सफल हो गई है।
इसने केवल मानक इम्यूनोथेरेपी की तुलना में, त्वचा के कैंसर यानि मेलेनोमा के वापस आने या उसके कारण मौत होने के जोखिम को 42 प्रतिशत तक कम कर दिया है।
वैक्सीन
कैसे काम करती है वैक्सीन?
इस अध्ययन को 'न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन' नाम की पत्रिका में प्रकाशित भी किया गया है। mRNA वैक्सीन को मॉडर्ना और मर्क ने विकसित किया है।
पहले शोधकर्ता हर मरीज के ट्यूमर की सीक्वेंसिंग करते हैं और फिर यह पता लगाते हैं कि ट्यूमर का 'फिंगरप्रिंट' शरीर की अन्य स्वस्थ कोशिकाओं से किस तरह अलग है।
इस जानकारी के आधार पर तैयार की गई वैक्सीन, मरीज की प्रतिरक्षा प्रणाली को कैंसर कोशिकाओं को खोजने में मदद करती है।
दवा
इस तरह किया गया शोध
यह वैक्सीन 'कीट्रूडा' नामक एक मौजूदा इम्यूनोथेरेपी के साथ मिलकर काम करती है, जो कैंसर कोशिकाओं की पहचान करने में मदद करती है।
क्लिनिकल ट्रायल के तीसरे चरण में दुनिया भर के 157 केंद्रों से 1,100 से ज्यादा मरीज शामिल थे।
जिन मरीजों में इलाज शुरू होने के 6 महीने बाद तक कैंसर नहीं दिखा, उनमें केवल कीट्रूडा लेने वालों की तुलना में, मेलेनोमा के दोबारा होने या मौत का जोखिम 58 प्रतिशत कम हो गया।
जानकारी
वैक्सीन की उपलब्धता की जानकारी
अभी यह वैक्सीन ऑस्ट्रेलिया या अमेरिका में मरीजों के लिए उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसके परिणाम नियामक समीक्षा प्रक्रिया में पहुंच गए हैं। इसके इस्तेमाल से कई लोगों का जीवन बचाने में मदद मिल सकेगी।