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शिक्षक दिवस पर डॉ राधाकृष्णन से सीखें जीवन के ये 5 अहम सबक, बढ़ेगा ज्ञान
डॉ राधाकृष्णन से सीखने को मिलते हैं ये सबक

शिक्षक दिवस पर डॉ राधाकृष्णन से सीखें जीवन के ये 5 अहम सबक, बढ़ेगा ज्ञान

लेखन सयाली
Sep 05, 2026
10:11 am

क्या है खबर?

हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह दिन देश के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन को समर्पित है, जिन्होंने शिक्षा और ज्ञान के प्रति अपने समर्पण से समाज पर गहरा प्रभाव डाला। शिक्षक दिवस पर हम आपको डॉ राधाकृष्णन से सीखे जाने वाले कुछ जरूरी जीवन सबक बता रहे हैं, जो हमारे जीवन को बेहतर बना सकते हैं और हमें एक अच्छा इंसान बना सकते हैं।

#1

ज्ञान का महत्व समझें

डॉ राधाकृष्णन का मानना था कि ज्ञान सबसे बड़ा खजाना है, जिसे कोई भी छीन नहीं सकता।

उन्होंने हमेशा कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह हमारे जीवन के हर पहलू को छूती है।

हमें अपने ज्ञान का उपयोग समाज की भलाई के लिए करना चाहिए और दूसरों को भी प्रेरित करना चाहिए। इसलिए हमें हमेशा नए ज्ञान की खोज करनी चाहिए और उसे अपने जीवन में अपनाना चाहिए।

#2

अनुशासन रखें

डॉ राधाकृष्णन ने अनुशासन को बहुत जरूरी माना। उनका मानना था कि अनुशासन ही सफलता की चाबी है।

उन्होंने अपने जीवन में हमेशा समय का सही उपयोग किया और दूसरों को भी यही सिखाया। अनुशासन से हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं और जीवन में आगे बढ़ सकते हैं।

इसलिए, हमें अपनी दिनचर्या में अनुशासन बनाए रखना चाहिए, ताकि हम हर काम को समय पर पूरा कर सकें और सफलता प्राप्त कर सकें।

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#3

आत्मविश्वास बनाए रखें

डॉ राधाकृष्णन ने हमेशा आत्मविश्वास पर जोर दिया। उनका कहना था कि अगर हम अपने आप पर विश्वास करेंगे तो कोई भी मुश्किल हमें रोक नहीं सकती।

आत्मविश्वास से हम नई चुनौतियों का सामना कर सकते हैं और सपनों को साकार कर सकते हैं। उन्होंने अपने जीवन में कई बार यह दिखाया कि कैसे आत्मविश्वास से हर कठिनाई को पार किया जा सकता है।

हमें भी अपने अंदर आत्मविश्वास बनाए रखना चाहिए, ताकि हम हर मुश्किल का सामना कर सकें।

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#4

सेवा भाव अपनाएं

डॉ राधाकृष्णन ने सेवा भाव को जरूरी माना। उनका मानना था कि असली खुशी दूसरों की सेवा करने में ही मिलती है।

उन्होंने अपने पूरे जीवन में समाज सेवा और मानवता की सेवा की। उनका कहना था कि जब हम दूसरों की मदद करते हैं तो हमें सच्ची खुशी मिलती है।

हमें भी अपने जीवन में सेवा भाव अपनाना चाहिए और दूसरों की मदद करने के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए। इससे हम समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

#5

निरंतर सीखते रहें

डॉ राधाकृष्णन ने कभी भी सीखना बंद नहीं किया। उनका मानना था कि जीवनभर सीखते रहना चाहिए, क्योंकि ज्ञान की कोई सीमा नहीं होती।

उन्होंने अपने पूरे जीवन में नई चीजें सीखी और दूसरों को भी सिखाया। इन 5 सबकों को अपनाकर हम न केवल एक बेहतर इंसान बन सकते हैं, बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

डॉ.राधाकृष्णन की शिक्षाएं आज भी हमारे लिए प्रेरणा स्रोत बनी हुई हैं।

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