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रोजाना गोमुखासन करने से मिल सकते हैं कई स्वास्थ्य लाभ, जानिए अभ्यास का तरीका
रोजाना गोमुखासन करने के लाभ

रोजाना गोमुखासन करने से मिल सकते हैं कई स्वास्थ्य लाभ, जानिए अभ्यास का तरीका

लेखन सयाली
Aug 06, 2026
12:23 pm

क्या है खबर?

गोमुखासन को योग की सबसे प्रभावी मुद्राओं में से एक माना जाता है। इसका अभ्यास करने से कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं। यहां हम आपको इस योगासन के बारे में विस्तार से बताएंगे और रोजाना इसे करने के फायदे भी बताएंगे। गोमुखासन का नाम 2 शब्दों से लिया गया है, जिसमें 'गौ' का मतलब गाय और 'मुख' का मतलब मुंह है। यह योगासन शरीर को ताकतवर और लचीला बनाने में मदद कर सकता है।

अभ्यास

गोमुखासन करने का तरीका

सबसे पहले जमीन पर सीधे बैठें और अपने दाएं पैर को मोड़ते हुए बाएं घुटने के ऊपर से इसके किनारे जमीन पर रखें। इसी तरह अपने बाएं पैर को मोड़ते हुए दाएं घुटने के ऊपर से इसके किनारे जमीन पर रखें।

अब अपने दोनों हाथों को कोहनी से मोड़ते हुए पीठ के पीछे आपस में पकड़ने का प्रयास करें। इस मुद्रा में कुछ मिनट रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं।

#1

पीठ की समस्याओं से मिलेगा छुटकारा

गोमुखासन का नियमित अभ्यास पीठ की समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकता है। यह योगासन पीठ के निचले हिस्से, कंधों और गर्दन की मांसपेशियों को मजबूती देता है।

इसके अलावा यह योगासन रीढ़ की हड्डी को भी स्वस्थ रखता है। अगर आपको पीठ में दर्द की समस्या रहती है तो रोजाना इस योगासन का अभ्यास जरूर करें।

इससे आपकी पीठ मजबूत बनेगी और दर्द से राहत भी मिलेगी।

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#2

पाचन क्रिया को कर सकता है दुरुस्त

गोमुखासन पाचन क्रिया के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसका नियमित अभ्यास पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और पाचन क्रिया को सुधारता है।

इससे कब्ज और गैस जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। इसके अलावा यह योगासन पेट की अंदरूनी सफाई भी करता है और रक्त के प्रवाह को बेहतर बनाता है।

अगर आप रोजाना गोमुखासन करते हैं तो आपकी पाचन क्रिया स्वस्थ रहती है और पेट संबंधी समस्याओं से दूर रहते हैं।

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#3

प्रदान करता है मानसिक शांति

गोमुखासन मानसिक शांति प्रदान करने में भी मददगार है। यह योगासन दिमागी तनाव को कम करता है और मन को शांत रखता है।

इसके नियमित अभ्यास से ध्यान लगाने की क्षमता बढ़ती है और मानसिक स्पष्टता मिलती है। गोमुखासन करने से आप अधिक सतर्क और केंद्रित महसूस करते हैं, जिससे आपकी उत्पादकता भी बढ़ती है।

यह योगासन मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी मदद करता है, जिससे आप अधिक शांत और खुश रहते हैं।

#4

सांस संबंधी समस्याओं को करता है दूर

गोमुखासन सांस संबंधी समस्याओं, जैसे अस्थमा और ब्रोंकाइटिस आदि में भी लाभकारी सिद्ध हो सकता है। इस योगासन का नियमित अभ्यास फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है और सांस लेने की प्रक्रिया को सुधारता है।

गोमुखासन करने से श्वसन तंत्र मजबूत होता है, जिससे ऑक्सीजन का बेहतर उपयोग होता है।

इसके अलावा यह योगासन श्वसन नलियों को खोलता है और फेफड़ों की कार्यक्षमता को सुधारता है, जिससे सांस संबंधी समस्याओं में राहत मिलती है।

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