
इन शहरों में लगते हैं दशहरे के भव्य मेले, अद्भुत अनुभव के लिए जरूर देखें
क्या है खबर?
दशहरा को विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
इस साल दशहरा 24 अक्टूबर को है। इस दौरान देश के अलग-अलग राज्यों में भव्य तरीके से दशहरा समारोह का आयोजन किया जाता है। इसमें सभी लोग पूरे उत्साह के साथ शामिल होकर त्योहार का आनंद लेते हैं।
आइये आज देश के 5 ऐसे शहरों के बारे में जानते हैं, जहां दशहरे की एक अलग ही धूम देखने को मिलती है।
#1
कोलकाता
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में यह त्योहार बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
इसमें लोग दशहरा से पहले 9 दिनों तक देवी दुर्गा की पूजा करते हैं, फिर उनकी मूर्ति को गंगा नदी में विसर्जित कर देते हैं।
इसके बाद दशहरे का त्योहार मनाया जाता है, जिसमें मेलों का आयोजन होता है। इसमें लोग एक-दूसरे को संदेश और रोसोगुल्ला जैसी पारंपरिक बंगाली मिठाइयां खिलाते हैं।
अगर आप कोलकाता जाएं तो यहां के मेलों का आनंद जरूर लें।
#2
दिल्ली
दिल्ली के रामलीला मैदान में दशहरे का त्योहार भव्य तरीके से मनाया जाता है।
यहां पर दिल्ली के सबसे बड़े रावण के पुतले का दहन किया जाता है। यह दशहरा मेला दिल्ली में लगने वाले मेलों में से सबसे पुराना है।
यहां पर रावण दहन के अलावा बहुत सारी खाने-पीने और खरीदारी के सामान की स्टाल भी लगाई जाती हैं, जिन्हें देखना और खरीदारी करना दिलचस्प है।
ऐसे में एक बार इस मेले को देखना तो बनता है।
#3
कुल्लू
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू को देवताओं की घाटी भी कहा जाता है। यहां पर दशहरा एक भव्य उत्सव है।
1972 से कुल्लू का दशहरा एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम बन गया है, जिसमें लाखों लोग भाग लेते हैं।
इस मौके पर यहां पर हफ्ते भर भव्य मेले लगते हैं, जो मुख्य आकर्षण का केंद्र है।
यहां के मेलों में राम की अनोखी कहानियों को नाटय के रूप में प्रदर्शित किया जाता है, जो उत्सव का माहौल बना देते हैं।
#4
कोटा
कोटा राजस्थान का एक प्रमुख औद्योगिक और शैक्षणिक शहर है, जो चम्बल नदी के तट पर बसा हुआ है।
यहां हर साल अलग-अलग थीम पर दशहरे के भव्य मेले का आयोजन किया जाता है।
शहर के मशहूर दशहरा मेला ग्राउंड में एक बहुत बड़ा मेला लगता है। यहां रावण दहन देखने के लिए हजारों लोग शामिल होते हैं।
यहां हर बार विदेशी पर्यटक भी मेला देखने आते हैं। आपको भी यहां पहुंचकर मेले का आनंद लेना चाहिए।
#5
मैसूर
कर्नाटक के मैसूर का दशहरा अंतरराष्ट्रीय उत्सव के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुका है।
दशहरे के मौके पर यहां कई प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, लेकिन सबसे अधिक प्रसिद्ध है इस उत्सव में 12 हाथियों की उपस्थिति। इन हाथियों की अपनी-अपनी विशेषता होती है।
दशहरा उत्सव के अंतिम दिन यहा मैसूर महल से "जम्बो सवारी" का आयोजन भी किया जाता है इसलिए एक बार मैसूर जाकर इस भव्य मेले का आनंद जरूर लें।