वजन घटाने वाले इंजेक्शन बंद करने के 2 साल के अंदर वापस बढ़ जाएगा वजन- अध्ययन
क्या है खबर?
आज के समय में जल्दी वजन कम करने के लिए लोग दवाइयों पर निर्भर हो रहे हैं। बाजार में कई तरह के वजन घटाने वाले इंजेक्शन उपलब्ध हैं, जो असर तो दिखाते हैं। हालांकि, बाद में इनके खतरनाक दुष्प्रभाव नजर आते हैं। अब एक नया अध्ययन इनके दीर्घकालिक प्रभावों पर प्रकाश डालता है। इसके मुताबिक, जो लोग वजन घटाने वाले इंजेक्शन लेते हैं, उनका 2 साल के अंदर ही दोबारा से वजन बढ़ जाता है।
अध्ययन
9,341 लोग बने थे अध्ययन का हिस्सा
यह अध्ययन ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किया गया था। इसमें वजन कम करने वाली दवाइयों के बारे में किए गए 37 पुराने अध्ययनों को भी शामिल किया गया था। अध्ययन में कुल 9,341 लोगों ने हिस्सा लिया था और इसे BMJ नामक पत्रिका में प्रकाशित किया गया था। सामने आया कि जो लोग वजन घटाने वाले इंजेक्शन लेना बंद करने पर घटाया हुआ सारा वजन 2 साल से भी कम समय में वापस बढ़ जाता है।
नतीजे
39 हफ्तों तक चला था प्रतिभागियों का इलाज
प्रतिभागियों का इलाज औसतन 39 हफ्तों तक चला। इसके दौरान किसी भी तरह की वजन घटाने वाली दवा लेने वाले लोगों का औसतन 8.3 किलो वजन कम हुआ। हालांकि, पहले साल के अंदर ही उनका करीब 4.8 किलो वजन फिर से बढ़ गया था। अध्ययन से पता चला दवा बंद करने वाले लोगों का वजन हर महीने 0.4 किलोग्राम की दर से दोबारा बढ़ने लगा था। प्रतिभागी औसतन 1.7 साल के अंदर अपने मूल वजन पर वापस आ गए थे।
खतरा
दवाइयां नहीं हैं दोबारा वजन बढ़ने का कारण
अध्ययन ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि यह उपचार आम डाइट आदि से कई गुना खतरनाक है। दवाइयों को बंद करने के बाद जिस दर से वजन दोबारा बढ़ा, वह एक्सरसाइज जैसे तरीकों की तुलना में लगभग 4 गुना ज्यादा तेज था। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के नफील्ड डिपार्टमेंट ऑफ प्राइमरी केयर हेल्थ साइंसेज के डॉक्टर सैम वेस्ट ने कहा, "ये दवाइयां बंद करने के बाद जो तेजी से वजन बढ़ता है, वह दवा की वजह से नहीं होता।"
कारण
अन्य परेशानियां भी बढ़ा देती हैं ये दवाइयां
वेस्ट के मुताबिक, यह दवाइयों की नाकामी नहीं है। उन्होंने कहा, "यह मोटापे की प्रकृति को एक पुरानी, बार-बार होने वाली बीमारी के रूप में दिखाता है।" इससे साफ है कि ये दवाइयां महज अस्थायी उपचार हैं और डॉक्टरों को इनके बजाय प्राथमिक रोकथाम पर ध्यान देना चाहिए। अध्ययन में यह भी पाया गया कि इन दवाइयों से जो ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल कम होता है, वह भी इलाज बंद करने के 1.4 साल के अंदर वापस बढ़ जाता है।
दवाइयां
कैसे काम करती हैं ये दवाइयां?
वजन घटाने वाले इंजेक्शन को GLP-1 एगोनिस्ट कहा जाता है, जो मूल रूप से मधुमेह के इलाज के लिए बनाए गए थे। ये प्राकृतिक हार्मोन की तरह काम करते हैं और दिमाग को बताते हैं कि पेट भर गया है। इससे भूख कम लगती है और पेट खाली होने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जिससे लोग ज्यादा खाना बंद कर देते हैं और पतले होने लगते हैं। कुछ दवाइयां वसा को शरीर में प्रवेश करने से रोक देती हैं।