इन 5 जगहों पर सबसे पहले होती है मानसून की शुरूआत, एक बार जरूर करें यात्रा
क्या है खबर?
मानसून की शुरूआत होते ही देश के कई हिस्से सूखे की चपेट में आ जाते हैं और कई जगहों पर बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की शुरूआत सबसे पहले केरलम के कोच्चि से होती है और फिर यह धीरे-धीरे देश के अन्य हिस्सों में फैलता है। आइए आज हम आपको उन 5 जगहों के बारे में बताते हैं, जहां मानसून की शुरूआत सबसे पहले होती है।
#1
केरलम
केरलम मानसून की शुरूआत करने वाला पहला राज्य है और यहां मानसून का आगमन हर साल एक जून को होता है। यहां मानसून के आने से गर्मी से काफी राहत मिलती है। केरलम में मानसून के कारण यहां 40 से 50 प्रतिशत तक बारिश होती है। यहां के मानसून को 'दक्षिण-पश्चिम मानसून' भी कहा जाता है। यह मानसून 23 सितंबर तक रहता है और इसके बाद उत्तर-पूर्वी मानसून शुरू हो जाता है।
#2
कर्नाटक
कर्नाटक में मानसून की शुरूआत केरलम से होती है। कर्नाटक में मानसून का आगमन 4 जून को होता है और यह 23 सितंबर तक रहता है। यह मानसून कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में आता है, जिसमें उत्तरी कर्नाटक के कुछ हिस्से भी शामिल हैं। इस मानसून के कारण कर्नाटक में 60 से 70 प्रतिशत तक बारिश होती है। इस दौरान यहां के स्थानों की खूबसूरती में चार चांद लग जाते हैं। इस मौसम में यहां की यात्रा शानदार अनुभव होगी।
#3
गोवा
केरलम और कर्नाटक के बाद मानसून गोवा पहुंचता है। गोवा में मानसून का आगमन 7 जून को होता है और यह 23 सितंबर तक रहता है। इस मानसून से गोवा में 60 से 70 प्रतिशत तक बारिश होती है। गोवा में मानसून के कारण यहां के समुद्र तटों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ जाती है, जो भरपूर आनंद लेते हैं। मानसून के कारण यहां का मौसम बहुत सुहावना हो जाता है।
#4
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में भी मानसून की शुरुआत कर्नाटक से होती है। महाराष्ट्र में मानसून का आगमन 9 जून को होता है और यह 23 सितंबर तक रहता है। इस मानसून से महाराष्ट्र में 60 से 70 प्रतिशत तक बारिश होती है। यह मानसून महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी आता है, जिनमें कोल्हापुर, सांगली, सतारा, पुणे, रायगढ़, नासिक, ठाणे, मुंबई, वर्धा, अमरावती, अकोला, वाशिम, बुलढाणा, जलना, औरंगाबाद, नांदेड़, लातूर, सोलापुर, अहमदनगर, नासिक, बीड, लातूर और यवतमाल जिले शामिल हैं।
#5
गुजरात
गुजरात में भी मानसून की शुरुआत कर्नाटक से होती है। गुजरात में मानसून का आगमन 15 जून को होता है और यह 23 सितंबर तक रहता है। इस मानसून से गुजरात में 60 से 70 प्रतिशत तक बारिश होती है। इस मानसून के कारण गुजरात के समुद्र तटों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ जाती है। मानसून के कारण यहां का मौसम बहुत सुहावना हो जाता है, जिससे कई पर्यटक आकर्षित होते हैं।