स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बनाएं ये 5 पारंपरिक पेय, समारोह का मजा हो जाएगा दोगुना
क्या है खबर?
स्वतंत्रता दिवस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को श्रद्धांजलि देने और देश की प्रगति और उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए मनाया जाता है। इस अवसर पर देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और लोग इस दिन को खास बनाने के लिए तरह-तरह के व्यंजनों का सेवन करते हैं। आइए आज हम आपको 5 पारंपरिक पेय के बारे में बताते हैं, जो स्वतंत्रता दिवस समारोह में चार चांद लगा सकते हैं।
#1
लस्सी
लस्सी एक स्वादिष्ट और ताजगी भरा पेय है, जो दही के साथ-साथ कई जरूरी तत्वों से भरपूर होता है। गर्मियों के दौरान लस्सी का सेवन शरीर को ठंडक देने और तरोताजा रखने में मदद कर सकता है।
लस्सी की कई तरह की किस्में हैं, जिनमें से आम लस्सी सबसे लोकप्रिय है। हालांकि, आप चाहें तो इसमें आम के बजाय कई तरह की सामग्रियां मिलाकर इसे और भी पौष्टिक बना सकते हैं।
#2
कुल्हड़ वाली चाय
गर्मियों में ठंडक देने के साथ-साथ कुल्हड़ वाली चाय का सेवन पेट के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। यह चाय मिट्टी के प्यालों में परोसी जाती है, जो इसे एक अनोखा स्वाद प्रदान करती है।
कुल्हड़ वाली चाय के लिए पहले मिट्टी के मटके को धीमी आंच पर गर्म किया जाता है, फिर इसमें पानी और चाय की पत्तियां डालकर उबाला लगाया जाता है।
इसके बाद इसमें अदरक, इलायची और शहद मिलाकर इसे परोसा जाता है।
#3
सत्तू का शरबत
सत्तू का शरबत एक स्वादिष्ट पेय है, जो गर्मियों में शरीर को ठंडक देने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।
यह पेय जरूरी तत्वों से भरपूर होता है और इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन और कैल्शियम जैसे खनिज पाए जाते हैं।
यह पेय पाचन को स्वस्थ रखने, शरीर को ऊर्जा देने और हाइड्रेट रखने में मदद कर सकता है।
इस शरबत को प्रोटीन का बेहतरीन स्त्रोत माना जाता है, जिसे पीने के बाद आपको भरपूर ताकत मिल सकती है।
#4
काजू का दूध
काजू का दूध एक पौष्टिक और स्वादिष्ट पेय है, जो आमतौर पर खास मौकों पर बनाया जाता है। यह दूध काजू, केसर, बादाम और इलायची से बनाया जाता है, जो इसे एक अनोखा स्वाद प्रदान करते हैं।
काजू का दूध बनाने के लिए पहले काजू को रातभर पानी में भिगोकर पीस लिया जाता है। इसके बाद इसमें केसर, बादाम, इलायची और दूध मिलाकर इसे धीमी आंच पर पकाया जाता है।
#5
चंदेरी का शरबत
यह पेय चंदेरी नामक फूल की पंखुड़ियों से बनाया जाता है, जो कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों में उगते हैं।
इस पेय को बनाने के लिए पहले चीनी और पानी की चाशनी बनानी होती है, फिर इसमें गुलाब जल, केवड़ा जल और चंदेरी के फूलों के रस को मिलाकर इसे ठंडा किया जाता है।
यह पेय गर्मियों के दौरान शरीर को ठंडक देने और हाइड्रेट रखने में मदद कर सकता है।