हरियाली तीज पर बनाएं मुलायम मालपुआ, जश्न का मजा हो जाएगा दोगुना
क्या है खबर?
हरियाली तीज का त्योहार सावन के महीने में कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर मनाया जाता है। यह त्योहार सुहागन महिलाओं के लिए बहुत खास होता है, क्योंकि वे इस दिन अपने पति की लंबी उम्र और खुशहाल जीवन के लिए प्रार्थना करती हैं। इस अवसर पर महिलाएं झूले पर झूलती हैं और मालपुआ बनाकर भगवान को भोग लगाती हैं। आइए आज मुलायम मालपुआ की रेसिपी जानते हैं, जो आपके पर्व की मिठास को बढ़ा देंगे।
सामग्री
मालपुआ बनाने के लिए जरूरी सामान
मालपुआ बनाने के लिए आपको एक गिलास मैदा, आधा गिलास पानी, एक चौथाई चम्मच इलायची पाउडर, एक चुटकी केसर, एक कप चीनी, एक कप दूध, एक बड़ा चम्मच देसी घी, थोड़े कटे हुए सूखे मेवे, थोड़ी मात्रा में पिस्ता और तलने के लिए देसी घी चाहिए होगा।
आप चाहें तो सामग्री की मात्रा को अपने हिसाब से कम या ज्यादा कर सकते हैं। साथ ही आप इसमें अन्य सामग्रियां भी मिला सकते हैं।
#1
तैयार करें घोल
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में मैदा, पिसी चीनी और पानी डालकर अच्छे से मिला लें। अब इस मिश्रण में केसर के धागे डालें।
इसके बाद मिश्रण को धीमी आंच पर गर्म करें और लगातार चलाते रहें। जब मिश्रण गाढ़ा होने लगे तो इसमें इलायची पाउडर मिलाएं।
अब मिश्रण को एक प्लेट में निकालकर ठंडा होने के लिए रख दें, फिर इसमें दूध मिलाकर घोल को सेट होने के लिए छोड़ दें।
#2
बनाएं चाशनी
चाशनी बनाने के लिए एक पैन में चीनी और पानी डालकर एक उबाल आने दें, फिर इसमें केसर के धागे और इलायची मिलाएं। इसके बाद चाशनी को धीमी आंच पर 5 से 6 मिनट तक पकाएं।
समय पूरा होने के बाद गैस बंद कर दें और इसे ठंडा होने दें। ध्यान दें कि यह एक तार की होनी चाहिए।
इसके लिए इसे अंगूठे और उंगली के बीच रखें, फिर धीरे-धीरे फैलाएं।
#3
मालपुओं को तलने का तरीका जानें
मालपुओं को तलने के लिए सबसे पहले तैयार घोल को एक घंटे के लिए ढककर रख दें। अब एक कढ़ाई में देसी घी गर्म करके उसमें एक करछी घोल डालें और इसे धीमी आंच पर सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें।
इसी तरह पूरे घोल से मालपुए तैयार कर लें। इसके बाद एक प्लेट में एक-2 मालपुआ रखें, फिर उन पर मीठा पानी डालकर उन्हें 5 मिनट तक भीगने दें।
#4
मालपुओं को अंतिम रूप देने का तरीका
अब मालपुओं को अंतिम रूप देने के लिए उन्हें एक थाली में रखें और उनके ऊपर थोड़ा दूध डालें। फिर उन पर बारीक कटे सूखे मेवों और पिस्ता डालकर इन्हें गर्मा-गर्म परोसें।
आप चाहें तो इन मालपुओं को रातभर फ्रिज में रखने के बाद अगली सुबह खा सकती हैं, ताकि स्वाद और बढ़ जाए। यकीन मानिए ये मालपुए खाकर आपका मन प्रसन्न हो जाएगा और आपका परिवार भी आपकी तारीफ करता नहीं थकेगा।