LOADING...
नींद की कमी भी बढ़ा सकती है शुगर का स्तर, जानिए इसके 5 प्रभाव
नींद से शुगर के स्तर का संबंध

नींद की कमी भी बढ़ा सकती है शुगर का स्तर, जानिए इसके 5 प्रभाव

लेखन सयाली
May 05, 2026
07:22 pm

क्या है खबर?

नींद की कमी का सेहत पर गंभीर असर पड़ता है। यह न केवल ऊर्जा का स्तर घटाती है, बल्कि खून में शुगर के स्तर को भी प्रभावित कर सकती है। जब शरीर को पूरा आराम नहीं मिलता तो इंसुलिन की कार्यक्षमता पर असर पड़ता है और खून में शुगर का स्तर बिगड़ सकता है। इस लेख में हम जानेंगे कि कैसे नींद की कमी से खून में शुगर का स्तर बढ़ सकता है और इससे क्या-क्या समस्याएं हो सकती हैं।

#1

इंसुलिन की कार्यक्षमता पर असर

नींद की कमी से इंसुलिन हार्मोन की कार्यक्षमता पर बुरा असर पड़ता है। इंसुलिन शरीर में शक्कर को ऊर्जा में बदलने का काम करता है। जब पर्याप्त नींद नहीं मिलती तो इंसुलिन सही ढंग से काम नहीं कर पाता, जिससे खून में शुगर का स्तर बढ़ सकता है। इसके अलावा नींद की कमी से शरीर की इंसुलिन के प्रति प्रतिक्रिया भी घटती है, जिससे शरीर में शक्कर का संतुलन बिगड़ जाता है।

#2

शरीर की ऊर्जा बनाने की प्रक्रिया धीमी होना

नींद की कमी से शरीर की ऊर्जा बनाने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। यह प्रक्रिया शरीर को सक्रीय रखती है, जो ठीक से काम करने के लिए पूरा आराम मांगती है। जब यह प्रक्रिया धीमी हो जाती है तो शरीर में शक्कर का संतुलन बिगड़ जाता है और खून में शुगर का स्तर बढ़ सकता है। इसके अलावा नींद की कमी से खाने की इच्छा भी बढ़ जाती है, जिससे वजन बढ़ने की संभावना भी बढ़ जाती है।

Advertisement

#3

तनाव और हार्मोन का असंतुलन

नींद की कमी तनाव का कारण बनती है, जिससे शरीर में तनाव से जुड़े हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। यह हार्मोन शक्कर बनाने वाली प्रक्रिया को तेज करता है, जिससे शुगर का स्तर बढ़ सकता है। इसके अलावा इस हार्मोन के बढ़ने से शरीर में सूजन भी बढ़ती है, जो कई तरह की बीमारियों का कारण बन सकती है। पर्याप्त नींद लेना बहुत जरूरी है, ताकि हार्मोन का स्तर संतुलित रहे और सेहत पर कोई बुरा असर न पड़े।

Advertisement

#4

भूख का बढ़ना

नींद की कमी से भूख भी बढ़ती है। जब व्यक्ति पर्याप्त नींद नहीं लेता तो उसके शरीर में भूख बढ़ाने वाले हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इसके अलावा भूख कम करने वाले हार्मोन का स्तर घट जाता है। इस कारण व्यक्ति ज्यादा खाता है और खून में शुगर का स्तर असंतुलित हो सकता है। इसलिए, पर्याप्त नींद लेना बहुत जरूरी है, ताकि भूख संतुलित रहे और सेहत पर कोई बुरा असर न पड़े।

#5

शारीरिक गतिविधियों में कमी

नींद पूरी न होने पर शारीरिक गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं। थकान के कारण लोग व्यायाम नहीं कर पाते या कम करते हैं, जिससे कैलोरी बर्न नहीं होतीं और वजन बढ़ता है। वजन बढ़ने से इंसुलिन के प्रति प्रतिक्रिया घटती जाती है, जिससे खून में शुगर का स्तर बढ़ सकता है। इसके अलावा शारीरिक गतिविधियों में कमी से ऊर्जा बनाने की प्रक्रिया भी धीमी हो जाती है, जिससे शरीर में शक्कर संतुलित नहीं रहता।

Advertisement