नेपाली थकाली थाली का एक बाद जरूर लें आनंद, जानिए इसमें होते हैं कौन-कौन से व्यंजन
क्या है खबर?
नेपाली खान-पान की बात करें तो थकाली थाली एक ऐसा जायका है, जो अपने स्वाद और सेहत के फायदों के लिए जाना जाता है। यह थाली नेपाल के थकाली समुदाय से जुड़ी हुई है और इसमें कई प्रकार के व्यंजन शामिल होते हैं। थकाली थाली का स्वाद और पोषण इसे खास बनाते हैं। आइए जानते हैं कि नेपाल की एक पारंपरिक थकाली थाली में क्या-क्या होता है और इसे कैसे बनाया जाता है।
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चावल और दाल का मेल
थकाली थाली में मुख्य रूप से चावल और दाल शामिल होते हैं। चावल नेपाली खाने का आधार हैं और इन्हें ज्यादातर सफेद चावल के रूप में परोसा जाता है। दाल को मसालों और तिल के तेल में पकाया जाता है, जो इसे खास स्वाद देता है। यह संयोजन न केवल भरपेट खाना प्रदान करता है, बल्कि ऊर्जा और प्रोटीन का अच्छा स्रोत भी है। चावल और दाल का यह मेल सेहत के लिए भी फायदेमंद है।
#2
आलू की सब्जी
थकाली थाली में आलू की सब्जी भी एक अहम हिस्सा होती है। इसे हल्दी, मिर्च पाउडर और अन्य मसालों से बनाया जाता है। इसका स्वाद तीखा और मसालेदार होता है, जो चावल और दाल के साथ खाने पर बहुत अच्छा लगता है। आलू की सब्जी पोटेशियम और विटामिन-C से भरपूर होती है, जो पाचन क्रिया को सुधारने और रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाने में भी मदद करती है।
#3
साग
नेपाल पहाड़ी इलाका है, ऐसे में लाजमी है कि इसमें साग होना ही है। थकाली थाली में हरी पत्तेदार सब्जियों से साग बनाया जाता है, जो चावल और रोटी दोनों के साथ अच्छा लगता है। पालक या सरसों के साग जैसी पत्तेदार सब्जियों को लहसुन और सरसों के तेल से हल्का-सा भूनकर या हल्का-सा पकाकर तैयार किया जाता है। आप चाहें तो इसमें थोड़े आलू आदि भी शामिल कर सकते हैं।
#4
अचार और पापड़
अचार और पापड़ इस थाली को पूरा करते हैं। अचार को विभिन्न प्रकार की सब्जियों, जैसे गाजर और मूली आदि से बनाया जाता है, जिसमें सरसों का तेल, नमक और मसाले आदि मिलाए जाते हैं। पापड़ कुरकुरे और तले हुए होते हैं, जो खाने का मजा बढ़ाते हैं। अचार में विटामिन-A और विटामिन-C होते हैं, जो आंखों के लिए फायदेमंद हैं। पापड़ पाचन क्रिया को सुधारने और भूख को बढ़ाने में मदद करते हैं।