जन्माष्टमी: इस बार बनाएं धनिया पंजीरी, जानिए इसकी रेसिपी
क्या है खबर?
जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार 4 सितंबर को है। इस मौके पर कई लोग उपवास रखते हैं और रात 12 बजे धनिया पंजीरी से अपने उपवास को तोड़ते हैं। इस तरह से धनिया पंजीरी मुख्य प्रसाद है। धनिया पंजीरी में सूखे मेवे, मसाले और गुड़ का मेल होता है, जो इसे खास बनाता है। अगर आपको यह पंजीरी बनानी नहीं आती है तो आइए इसकी रेसिपी जानते हैं।
सामग्री
धनिया पंजीरी के लिए जरूरी सामग्री
एक कप धनिया पाउडर, आधा कप सूखा नारियल (कदूकस किया हुआ), एक चौथाई कप बादाम (बारीक कटे हुए), एक चौथाई कप काजू (बारीक कटे हुए), एक चौथाई कप पिस्ता (बारीक कटे हुए), एक चौथाई कप खरबूजे के बीज, एक कप गुड़ का पाउडर, एक छोटी चम्मच इलायची पाउडर, एक छोटी चम्मच लौंग पाउडर, एक छोटी चम्मच जायफल पाउडर और घी (आवश्यकतानुसार)
आप चाहें तो सामग्रियों की मात्रा को अपने मन-मुताबिक कम या ज्यादा कर सकते हैं।
विधि
धनिया पंजीरी बनाने की विधि
सबसे पहले एक कढ़ाई में थोड़ा-सा घी गर्म करें और उसमें धनिया पाउडर को हल्का-सा भून लें। इसके बाद इसमें सूखा नारियल डालकर अच्छे से मिलाएं।
अब इसमें बादाम, काजू, पिस्ता और खरबूजे के बीज डालकर अच्छे से मिलाएं। जब मिश्रण थोड़ा ठंडा हो जाए तो इसमें गुड़ का पाउडर, इलायची पाउडर, लौंग पाउडर और जायफल पाउडर डालकर अच्छे से मिलाएं।
आपकी धनिया पंजीरी तैयार है, इसे ठंडा करके किसी एयरटाइट डिब्बे में भर लें।
फायदे
स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है धनिया पंजीरी
धनिया पंजीरी में शामिल सामग्री सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। धनिया पाउडर पाचन को बेहतर करता है और सूखे मेवे ऊर्जा देते हैं।
गुड़ शरीर को ठंडक पहुंचाता है, जिससे यह गर्मियों में खासतौर पर फायदेमंद होता है। इलायची और लौंग जैसे मसाले भी पाचन को सुधारते हैं और ताजगी देते हैं।
इस प्रकार धनिया पंजीरी न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि सेहतमंद भी है।
महत्व
त्योहारों का आनंद बढ़ा सकती है यह मिठाई
धनिया पंजीरी खासतौर पर त्योहारों पर बनाई जाती है क्योंकि यह लंबे समय तक टिकती है और सभी को पसंद आती है।
जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को भोग लगाने के बाद बची हुई मिठाई परिवार के सभी सदस्यों और मेहमानों के साथ बांटी जाती है। इससे त्योहार का आनंद बढ़ जाता है।
आप इसे किसी भी समय बना सकते हैं और इसका आनंद ले सकते हैं।