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भूलने की आदत डिमेंशिया का संकेत? पहचानने के लिए जानें ये 5 प्रारंभिक लक्षण
डिमेंशिया से जुड़े प्रारंभिक लक्षण

भूलने की आदत डिमेंशिया का संकेत? पहचानने के लिए जानें ये 5 प्रारंभिक लक्षण

लेखन अंजली
Aug 31, 2026
10:54 am

क्या है खबर?

भूलने की आदत को लोग अक्सर सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कभी-कभी यह डिमेंशिया का संकेत भी हो सकती है। डिमेंशिया एक मानसिक बीमारी है, जिससे दिमाग की कार्यक्षमता प्रभावित होती है और याददाश्त समेत सोचने-समझने की क्षमता में कमी आती है। आइए आज हम आपको कुछ ऐसे शुरुआती लक्षण बताते हैं, जिनसे आप पहचान सकते हैं कि भूलने की आदत सामान्य है या फिर यह डिमेंशिया के कारण हो रही है।

#1

हालातों का सही ढंग से न समझ पाना

अगर आपको या आपके किसी परिजन को हालातों का सही ढंग से समझ नहीं आ रहा है तो यह डिमेंशिया का शुरुआती लक्षण हो सकता है।

उदाहरण के लिए अगर आपके माता-पिता या दादा-दादी को पहचानने में दिक्कत हो रही है या वे किसी सामान को गलत जगह रख रहे हैं तो यह डिमेंशिया का संकेत हो सकता है।

ऐसे में बेहतर होगा कि आप डॉक्टर से सलाह लें।

#2

रोजमर्रा के कामों में दिक्कत होना

अगर आपको रोजमर्रा के काम करने में दिक्कत हो रही है तो यह भी डिमेंशिया का एक शुरुआती लक्षण हो सकता है।

उदाहरण के लिए अगर आपके माता-पिता या दादा-दादी को खाना बनाना, कपड़े धोना या फिर खरीदारी करना मुश्किल लगने लगे तो यह डिमेंशिया का संकेत हो सकता है।

इस स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होगा ताकि समय रहते बीमारी का पता चल सके और सही इलाज मिल सके।

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#3

समय-समय पर नाम भूलना

बुजुर्गों का समय-समय पर नाम भूलना भी डिमेंशिया का एक संकेत हो सकता है। अगर आपके माता-पिता या दादा-दादी किसी के नाम या रिश्ते का नाम भूल रहे हैं तो यह डिमेंशिया का संकेत हो सकता है।

हालांकि, अगर ऐसा कभी-कभी ही होता है तो इसे सामान्य भूलभुलैया समझा जा सकता है। अगर यह समस्या लगातार बनी रहती है तो डॉक्टर से सलाह करें।

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#4

हालातों का गलत आकलन करना

अगर आपके माता-पिता या दादा-दादी किसी स्थिति का गलत अंदाजा लगा रहे हैं तो यह भी डिमेंशिया का एक संकेत हो सकता है।

उदाहरण के लिए अगर वे किसी व्यक्ति को खतरा समझ रहे हैं, जबकि वह व्यक्ति पूरी तरह सुरक्षित हो या फिर किसी वस्तु को नुकसान पहुंचाने वाला समझ रहे हैं, जबकि ऐसा कुछ न हो। इस स्थिति में भी डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होगा।

#5

शारीरिक संकेतों पर ध्यान देना जरूरी

डिमेंशिया के साथ-साथ अन्य बीमारियों के शारीरिक संकेत भी होते हैं, जिन पर ध्यान देना जरूरी है।

अगर आपके माता-पिता या दादा-दादी में लगातार थकान, चिड़चिड़ापन, नींद न आना, उदासी, भ्रम, असंयम या फिर व्यवहार में बदलाव देखने को मिल रहा है तो उनसे डॉक्टर से सलाह करने की सलाह दें।

इसके अलावा अगर वे किसी चीज के लिए ज्यादा चिंतित रहते हैं तो भी डॉक्टर से सलाह करें।

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