भारत के 5 खूबसूरत अंतिम गांव, जहां देश की सीमाएं हो जाती हैं खत्म
क्या है खबर?
भारत की सांस्कृतिक विविधता और भौगोलिक विविधता इसे एक अनोखा देश बनाती है। भारत की भूमि पर कई प्रकार की संस्कृतियों का मिश्रण देखने को मिलता है। यहां कई ऐसे गांव भी हैं, जो भारत के अंतिम गांव माने जाते हैं। ये गांव अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाने जाते हैं। आइए आज हम आपको भारत के 5 अंतिम गांवों के बारे में बताते हैं, जहां देश की सीमाएं खत्म हो जाती हैं।
#1
माणा
माणा उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित भारत-तिब्बत सीमा के पास बसा एक प्रमुख गांव है। समुद्र तल से लगभग 3,200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह गांव प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम से महज 4 किलोमीटर की दूरी पर है। यह उस सीमा से आखरी तो है, लेकिन इसे सीमा सड़क संगठन (BRO) ने भारत का पहला गांव घोषित किया है। ऐसा माना जाता है कि इसी गांव से पांडवों ने अपनी स्वर्ग की यात्रा शुरू की थी।
#2
छितकुल
हिमाचल प्रदेश की किन्नौर घाटी में बसा हुआ छितकुल पुराने भारत-तिब्बत व्यापार मार्ग पर स्थित अंतिम आबाद गांव है। बर्फ से ढकी चोटियों और सेब के बागों से घिरा यह गांव वह स्थान है, जहां भारत की सड़क समाप्त होती है। समुद्र तल से लगभग 3,450 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह गांव अपनी प्राकृतिक सुंदरता से मन मोह लेता है। यहां की बास्पा नदी के किनारे बैठकर आप सुंदर नजरों का आनंद ले सकते हैं।
#3
तुरतुक
तुरतुक भारत के लद्दाख के लेह जिले की नुब्रा घाटी में बसा खूबसूरत गांव है, जो रणनीतिक रूप से अहम भी है। यह पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान की सीमा से लगा हुआ भारत का आखिरी छोर है। पाकिस्तान से हुई जंग में जीत के बाद 16 दिसंबर, 1971 की सुबह यह क्षेत्र भारत का अभिन्न अंग बन गया था। यह भारत के उन चुनिंदा स्थानों में से एक है, जहां 'बाल्टी' संस्कृति, भाषा और परंपराओं की झलक मिलती है।
#4
धनुषकोडी
धनुषकोडी भारत के तमिलनाडु राज्य में पंबन द्वीप (रामेश्वरम) के दक्षिण-पूर्वी छोर पर स्थित एक ऐतिहासिक गांव है। यह समुद्री सीमा शुरू होने से पहले का अंतिम भूभाग है, जिसके पार समुद्र में श्रीलंका मात्र 24 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, धनुषकोडी वही स्थान है, जहां से भगवान श्रीराम ने लंका पार करने के लिए राम सेतु बनाया था। यह गांव 1964 के चक्रवात के बाद काफी खंडहर बन गया है।
#5
घुआर मोटा
घूअर मोटा भारत के सबसे पश्चिमी भाग में बसा हुआ गांव है। यह गुजरात के कच्छ जिले के लखपत तालुका में अरब सागर के तट के पास स्थित है। यह गांव अपनी खास भौगोलिक स्थिति के लिए जाना जाता है, क्योंकि यह भारत की मुख्य भूमि का सबसे पश्चिमी बिंदु है। यहां एक 'सनसेट पॉइंट' है, जहां से सूर्यास्त का बहुत ही सुंदर नजारा दिखाई देता है। इन गांवों की यात्रा करना आपके लिए एक शानदार अनुभव होगा।