भारतीय शास्त्रीय संगीत में रुचि है? जानें इससे जुड़ी 5 महत्वपूर्ण बातें
क्या है खबर?
भारतीय शास्त्रीय संगीत दो मुख्य हिस्सों में बंटा हुआ है। एक है हिंदुस्तानी संगीत, जो उत्तर भारत में लोकप्रिय है और दूसरा है कर्नाटिक संगीत, जो दक्षिण भारत में प्रचलित है। इन दोनों शास्त्रीय संगीत की अपनी अलग-अलग विशेषताएं और तरीके हैं। अगर आपको हिंदुस्तानी संगीत में रुचि है तो आइए आज हम आपको इससे जुड़ी कुछ अहम बातें बताते हैं ताकि आप इस संगीत शैली को बेहतर तरीके से समझ सकें।
#1
सुरों की अहमियत को पहचानें
हिंदुस्तानी संगीत में सुरों का बहुत महत्व है। यह जरूरी नहीं कि आप किसी संगीत के सामान को बजाने में माहिर हों, लेकिन सुरों की पहचान होना जरूरी है। इसके लिए गाने की शुरुआत और अंत वाले सुर पर विशेष ध्यान दें। इसके बाद धीरे-धीरे अन्य सुरों की पहचान करें। यह भी समझें कि किस सुर का कब और कैसे उपयोग करना है। इससे आप हिंदुस्तानी संगीत की बारीकियों को समझ सकेंगे और बेहतर तरीके से गा सकेंगे।
#2
राग और तानपुरा की पहचान करें
हिंदुस्तानी संगीत में राग का खास स्थान है। राग वह तरीका है, जिसमें सुरों को अलग-अलग ढंग से गाया जाता है। हर राग का एक अलग मूड और समय होता है। इसके अलावा तानपुरा भी बहुत अहम है क्योंकि यह सुरों को स्थिरता प्रदान करता है। तानपुरा की आवाज से सुरों को पकड़ने में मदद मिलती है। शुरुआत में राग और तानपुरा की पहचान करें ताकि आप हिंदुस्तानी संगीत की बारीकियों को समझ सकें।
#3
तालों को समझें
ताल हिंदुस्तानी संगीत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो गाने की लय को निर्धारित करता है। सबसे आम तालों में तिनताल, झपताल, रूपकताल आदि शामिल हैं। शुरुआत में तिनताल पर ध्यान दें क्योंकि यह सबसे ज्यादा प्रचलित ताल है। इसके बाद अन्य तालों को भी समझने की कोशिश करें। इससे आपकी लय की समझ बेहतर होगी और आप गाने को सही तरीके से गा सकेंगे। तालों की जानकारी से आप संगीत की बारीकियों को भी समझ पाएंगे।
#4
गाने की शैली पर ध्यान दें
हिंदुस्तानी संगीत में कई गाने की शैलियां होती हैं जैसे गजल, ठुमरी, भजन, कीर्तन आदि। इन सभी शैलियों में अलग-अलग तरीके से गायकी होती है। शुरुआत में किसी एक शैली पर ध्यान दें जैसे गजल या ठुमरी और उसे अच्छे से सीखें। इसके बाद अन्य शैलियों की ओर बढ़ें। इससे आपकी गायकी में विविधता आएगी और आप अलग-अलग शैलियों की बारीकियों को समझ सकेंगे। इस तरह आप हिंदुस्तानी संगीत की दुनिया में गहरी समझ विकसित कर सकेंगे।
#5
नियमित अभ्यास करें
किसी भी कला में माहिर बनने के लिए नियमित अभ्यास बहुत जरूरी होता है। रोजाना कुछ समय निकालकर सुरों, रागों और तालों का अभ्यास करें। इसके अलावा अलग-अलग शैलियों का भी अभ्यास करें। इससे आपकी गायकी में सुधार होगा और आप हिंदुस्तानी संगीत की दुनिया में माहिर बन सकेंगे। इस तरह इन पांच बुनियादी बातों को ध्यान में रखकर आप हिंदुस्तानी संगीत की दुनिया में कदम रख सकते हैं।