ये हैं भारत के 5 सबसे पुराने रेस्टोरेंट, जहां का खाना किसी विरासत से कम नहीं
क्या है खबर?
भारत में हजारों रेस्टोरेंट हैं, लेकिन कुछ की बात ही निराली है। हम बात कर रहे हैं देश के सबसे पुराने रेस्टोरेंट की, जो आजादी से पहले से चल रहे हैं। यहां अब भी सदियों पुराने व्यंजनों को परोसा जाता है, जो इतिहास की झलक पेश करते हैं। इन रेस्टोरेंट में मिलने वाला खाना किसी विरासत से कम नहीं। आइए आज ऐसे ही 5 सबसे पुराने रेस्टोरेंट के बारे में जानते हैं। इनका खाना आज भी उतना ही लाजवाब है।
#1
लियोपोल्ड कैफे
आपने मुंबई में स्थित लियोपोल्ड कैफे का नाम जरूर सुना होगा, जो 1871 में शुरू हुआ था। इसे ईरानी पारसियों ने खोला था, जो पहले शराब की दुकान हुआ करती थी। हालांकि, बाद में इसे एक कैफे बना दिया गया। यह रेस्टोरेंट कोलाबा में है और इसकी थीम पूरी तरह रेट्रो है। यहां आपको उत्तर भारतीय, चाइनीज, और कॉन्टिनेंटल व्यंजन मिल जाएंगे। यहां के सैंडविच और मीठे व्यंजन सबसे मशहूर हैं।
#2
इंडियन कॉफी हाउस
इंडियन कॉफी हाउस चेन मुंबई में कॉफी बोर्ड ने 1936 में शुरू की थी। 1940 के दशक तक इसके 50 अन्य आउटलेट भी खुल गए थे, लेकिन 1950 में उन्हें बंद कर दिया गया था। 1957 में एके गोपालन नाम के नेता ने इसे दिल्ली में दोबारा खोला था। इस रेस्टोरेंट की सादगी ही इसे खास बनाती है और यहां ज्यादातर छात्र आते हैं। इस कॉफी हाउस में आपको फिल्टर कॉफी, सैंडविच और अन्य देसी स्नैक्स मिल जाएंगे।
#3
दोराबजी एंड संस
डोराबजी एंड संस पुणे का एक मशहूर रेस्टोरेंट है, जिसे एक पारसी परिवार ने शुरू किया था। सोराबजी दोराबजी ने 1878 में इसकी शुरुआत की थी और तब से ही यहां पारसी खाना परोसा जा रहा है। यह एक छोटे से चाय के स्टाल से शुरू हुआ था और आज देश के सबसे आइकोनिक रेस्टोरेंट की सूची में शामिल होता है। आपको यहां बन मस्का, सल्ली रोटी और बिरयानी जैसे पारसी पकवानों का जायका चखने को मिल जाएगा।
#4
टुंडे कबाबी
पुराने लखनऊ के चौक की गलियों में आपको एक जायकेदार सुगंध आकर्षित करेगी, जो टुंडे कबाबी से आती है। यह लखनऊ का सबसे मशहूर रेस्टोरेंट है, जिसे 1905 में स्थापित किया गया था। यह स्थान आपने गलावत कबाब के लिए प्रसिद्ध है, जो मुंह में जाते ही घुल जाते हैं। इसे नवाब वाजिद अली शाह के लिए बनाया गया था, जिनके दांत नहीं थे। यहां आपको कई तरह के कबाब, बिरयानी और पराठे खाने को मिलेंगे।
#5
करीम
पुरानी दिल्ली के जमा मस्जिद इलाके में एक शानदार रेस्टोरेंट स्थित है, जिसे करीम नाम से जाना जाता है। यह 1913 में शुरू हुआ था और तभी से अपने मुगलई खान-पान के लिए प्रसिद्ध है। इसे एक शाही खानसामे ने शुरू किया था और यहां आपको असली मुगलई पकवान खाने को मिल जाएंगे। यह रेस्टोरेंट इतना सफल रहा है कि अब देशभर में इसके कई आउटलेट खुल चुके हैं। इसकी एक ब्रांच UAE में भी खोली गई है।