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गर्मियों में हो सकता है हीट स्ट्रोक और हीट एग्जॉशन, जानिए क्या है ज्यादा खतरनाक
हीट स्ट्रोक और हीट एग्जॉशन का प्रभाव

गर्मियों में हो सकता है हीट स्ट्रोक और हीट एग्जॉशन, जानिए क्या है ज्यादा खतरनाक

लेखन अंजली
May 22, 2026
01:23 pm

क्या है खबर?

गर्मियों में हीट स्ट्रोक और हीट एग्जॉशन जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। हीट स्ट्रोक तब होता है, जब शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है, जबकि हीट एग्जॉशन तब होता है, जब शरीर गर्म मौसम में लंबे समय तक रहने या अधिक शारीरिक गतिविधि करने के कारण अत्यधिक थका हुआ महसूस करता है। आइए आज हम आपको इन दोनों समस्याओं से जुड़ी कुछ जरूरी बातें बताते हैं ताकि समय रहते आप इनसे सुरक्षित रह सकें।

#1

हीट स्ट्रोक के लक्षण

हीट स्ट्रोक के लक्षणों में शरीर का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट (40 डिग्री सेल्सियस) से ऊपर होना, तेज धड़कन, सांस लेने में कठिनाई, सिरदर्द, चक्कर आना, मतली और उल्टी शामिल हैं। इसके अलावा उल्टी आना, मांसपेशियों में ऐंठन, बेहोशी और बुखार भी हीट स्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैं। अगर आपको या आपके किसी करीबी को इन लक्षणों का अनुभव हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि यह स्थिति जानलेवा हो सकती है।

#2

हीट स्ट्रोक के कारण

लंबे समय तक धूप में रहना, अधिक शारीरिक गतिविधि करना, शरीर में पानी की कमी, उम्र और कुछ दवाओं के सेवन से शरीर का तापमान असामान्य रूप से बढ़ सकता है। इसके अतिरिक्त हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक वजन वाले लोगों में भी अधिक होता है। इसके साथ ही गर्भवती महिलाएं और 65 वर्ष से अधिक आयु वाले लोग भी हीट स्ट्रोक से जल्दी प्रभावित हो सकते हैं। गर्मियों में विशेष ध्यान देना जरूरी है।

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#3

हीट एग्जॉशन के लक्षण

हीट एग्जॉशन के लक्षणों में पसीना आना, चक्कर आना, सिरदर्द, मतली, उल्टी और थकान शामिल हैं। इसके अलावा तेज धड़कन और सांस लेने में कठिनाई भी हीट एग्जॉशन के सामान्य लक्षण हैं। अगर आपको या आपके किसी करीबी को इन लक्षणों का अनुभव हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि ये समस्याएं जानलेवा भी हो सकती हैं। गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने के उपाय अपनाएं।

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#4

हीट एग्जॉशन के कारण

हीट एग्जॉशन का कारण शरीर का अत्यधिक गर्म होना है। यह समस्या अधिक आर्द्रता या गर्म मौसम में अधिक शारीरिक गतिविधि करने से हो सकती है। इसके अतिरिक्त शरीर में पानी की कमी, शराब या जुकाम जैसी बीमारियों का प्रभाव और कुछ दवाओं के सेवन से भी हीट एग्जॉशन हो सकता है। गर्मियों में खुद को हाइड्रेटेड रखना आवश्यक है।

#5

हीट स्ट्रोक और हीट एग्जॉशन में अंतर

हीट स्ट्रोक और हीट एग्जॉशन में मुख्य अंतर है कि हीट स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है, जबकि हीट एग्जॉशन एक सामान्य स्थिति है। हीट स्ट्रोक में शरीर का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट से ऊपर चला जाता है, जबकि हीट एग्जॉशन में शरीर का तापमान सामान्य से थोड़ा सा बढ़ जाता है। हीट स्ट्रोक का इलाज तुरंत करना जरूरी है, लेकिन हीट एग्जॉशन में घरेलू उपाय प्रभावी होते हैं।

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