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हेमोफिलिया: जानिए इस दुर्लभ रक्तस्रावी रोग के लक्षण और अन्य जरूरी बातें
हेमोफिलिया के लक्षण और अन्य जरूरी बातें

हेमोफिलिया: जानिए इस दुर्लभ रक्तस्रावी रोग के लक्षण और अन्य जरूरी बातें

लेखन सयाली
Jul 26, 2026
01:50 pm

क्या है खबर?

हेमोफिलिया एक दुर्लभ रक्तस्रावी समस्या है, जिसमें शरीर में खून को रोकने वाले तत्व कम होते हैं। इसके कारण चोट लगने पर खून का बहना रुक नहीं पाता है। यह समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है, लेकिन आमतौर पर यह पुरुषों में अधिक देखी जाती है। इस लेख में हम आपको हेमोफिलिया के लक्षण, कारण, पहचान और इलाज के बारे में बताएंगे। इन्हें जानकर आप स्वास्थ्य का बेहतर ख्याल रख सकेंगे।

कारण

हेमोफिलिया के कारण

हेमोफिलिया एक आनुवंशिक समस्या है, जिसमें शरीर में खून जमाने वाले तत्वों की कमी होती है। यह बीमारी ज्यादातर पुरुषों में ही पाई जाती है और महिलाओं में बहुत कम होती है।

हेमोफिलिया के 2 प्रकार होते हैं: हेमोफिलिया-A, जिसमें तत्व VIII की कमी होती है। इस बीमारी का दूसरा प्रकार है हेमोफिलिया-B, जिसमें तत्व IX की कमी होती है।

इनका अंतर जानने के लिए डॉक्टर की सलाह लेना अहम है।

लक्षण

चोट लगने पर रुकता नहीं है रक्तस्राव

हेमोफिलिया का मुख्य लक्षण है चोट लगने पर खून का न रुकना। यह बाहरी चोट के साथ-साथ अंदरूनी चोट के रूप में भी हो सकता है, जिससे पेट दर्द, जोड़ों में सूजन और सांस लेने में कठिनाई जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

इसके अलावा बार-बार नाक से खून आना, पेशाब या मल में खून आना, मसूड़ों से खून आना, त्वचा पर नीले निशान पड़ना और सिरदर्द जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

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पहचान

हेमोफिलिया की पहचान

हेमोफिलिया की पहचान खून की जांच द्वारा की जाती है, जिसमें शरीर में तत्व VIII या IX की मात्रा देखी जाती है। इसके अलावा डॉक्टर शारीरिक जांच और मरीज के लक्षणों के आधार पर भी हेमोफिलिया की पहचान करते हैं।

अगर परिवार में किसी को यह समस्या रही हो तो परिवार के अन्य सदस्यों की भी जांच करवानी चाहिए। सही और सटीक निदान के लिए आपको एक ही नहीं, बल्कि एक से ज्यादा डॉक्टर की सलाह लेनी ही चाहिए।

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इलाज

हेमोफिलिया का इलाज

हेमोफिलिया का इलाज मुख्य रूप से खून के तत्वों के प्रतिस्थापन द्वारा किया जाता है, जिसमें कमी वाले तत्व को शरीर में पहुंचाया जाता है, ताकि खून का बहना नियंत्रित हो सके।

इसके अलावा दर्द कम करने की दवाइयां और अन्य सहायक उपाय भी उपयोग किए जा सकते हैं। गंभीर मामलों में डॉक्टर ऑपरेशन की सलाह भी दे सकते हैं।

हेमोफिलिया वाले व्यक्तियों को चोट लगने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

बचाव

हेमोफिलिया से कैसे बचा जा सकता है?

हेमोफिलिया आनुवंशिक समस्या होने के कारण इससे बचाव संभव नहीं है, लेकिन इसके असर को कम किया जा सकता है।

इसके लिए समय-समय पर डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है, ताकि समस्या बढ़ने से पहले ही उसका इलाज किया जा सके।

इसके अलावा स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर और संतुलित आहार खाकर भी हेमोफिलिया के असर को कम किया जा सकता है। इस प्रकार हेमोफिलिया एक गंभीर रक्तस्रावी समस्या है, जिससे समय रहते बचाव और इलाज जरूरी है।

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