क्या तनाव से बढ़ता है वजन? जानिए इससे जुड़े आम भ्रम और उनकी सच्चाई
क्या है खबर?
तनाव को अक्सर वजन बढ़ने का कारण माना जाता है। यह एक आम धारणा है कि जब हम तनाव में होते हैं तो हमारा वजन बढ़ जाता है। हालांकि, यह पूरी तरह सही नहीं है। इस लेख में हम इस भ्रम की सच्चाई जानेंगे और समझेंगे कि कैसे तनाव हमारे शरीर पर असर डालता है और क्या वास्तव में इसका वजन बढ़ने से कोई संबंध है या नहीं। यह जानकारी आपके जीवन में बहुत काम आएगी।
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भ्रम: तनाव से हमेशा बढ़ता है वजन
यह सबसे आम भ्रम है कि हर बार जब कोई तनाव में होता है तो उसका वजन जरूर बढ़ता है। सच यह है कि यह हमेशा सही नहीं होता। कुछ लोगों में तनाव के कारण वजन घट सकता है, जबकि कुछ में वजन बढ़ सकता है। यह व्यक्ति की शारीरिक स्थिति, खाने-पीने की आदतें और जीवनशैली पर निर्भर करता है। इसलिए, यह कहना मुश्किल है कि हर बार इससे वजन बढ़ेगा ही।
#2
भ्रम: तनाव का खाने की आदतों पर नहीं पड़ता असर
एक और भ्रम यह है कि तनाव का खाने की आदतों पर कोई असर नहीं पड़ता। हालांकि, सच यह है कि तनाव हमारे खाने की आदतों को प्रभावित कर सकता है। जब हम तनाव में होते हैं तो अक्सर अस्वास्थ्यकर चीजें खाने का मन करता है, जैसे कि चिप्स, बर्गर या मिठाइयां। इसके अलावा तनाव के कारण भूख कम भी हो सकती है या ज्यादा भी लग सकती है। यह व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है।
#3
भ्रम: केवल मानसिक सेहत पर ही पड़ता है असर
कुछ लोगों का मानना है कि तनाव केवल मानसिक सेहत पर ही असर डालता है और इसका शारीरिक सेहत से कोई लेना-देना नहीं होता। हालांकि, सच यह है कि तनाव हमारे शारीरिक सेहत पर भी गहरा असर डाल सकता है। इससे हमारी रोग से लड़ने की क्षमता कमजोर हो सकती है, दिल की धड़कनें असामान्य हो सकती हैं और पाचन का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है। इससे बेहोशी भी आ सकती है।
#4
भ्रम: सभी लोग तनाव को एक ही तरह से करते हैं सहन
हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है और सभी लोग एक ही तरह से तनाव को सहन नहीं करते। कुछ लोग तनाव को बेहतर तरीके से संभाल लेते हैं, जबकि कुछ को इससे ज्यादा परेशानी होती है। इस कारण यह कहना मुश्किल हो जाता है कि हर बार तनाव से वजन बढ़ेगा ही। यहां यह समझना जरूरी है कि तनाव का असर व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है और हर किसी में एक जैसा नहीं होता है।