नमी वाले मौसम में हाइड्रेट रहने को लेकर लोगों में हैं ये 5 भ्रम, जानिए सच्चाई
क्या है खबर?
नमी भरा मौसम शरीर को अधिक पानी की आवश्यकता का अहसास करा सकता है। हालांकि, इसके कारण हाइड्रेट रहने को लेकर कई भ्रम भी पैदा हो गए हैं, जिन पर लोग बिना सच्चाई जाने विश्वास कर लेते हैं और इसके कारण कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। आइए आज हम आपको नमी भरे मौसम में हाइड्रेट रहने से जुड़े कुछ भ्रम और उनकी सच्चाई बताते हैं, ताकि आप सही जानकारी के आधार पर खुद का ख्याल रख सकें।
#1
भ्रम- नमी से आता है ज्यादा पसीना
यह सबसे आम भ्रम है कि नमी से ज्यादा पसीना आता है, लेकिन यह सच नहीं है। दरअसल, अधिक नमी के कारण पसीना सूखने में मुश्किल होती है, जिससे शरीर को ठंडा रखने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। इससे आपको अधिक पसीना महसूस हो सकता है। इसके विपरीत सूखे मौसम में पसीना तेजी से सूख जाता है, जिससे शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और आपको पसीना भी कम महसूस होता है।
#2
भ्रम- नमी भरे मौसम में होती है ज्यादा पानी की जरूरत
यह भी सिर्फ एक भ्रम है कि अधिक नमी वाले मौसम में अधिक पानी पीना जरूरी है। सच तो यह है कि आपको अपनी प्यास के अनुसार पानी पीना चाहिए, न कि मौसम के अनुसार। अधिक पानी पीने से आपके शरीर में नमक और खनिज का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे सिरदर्द, उल्टी और मतली जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, प्यास लगने पर ही पानी पीएं। ज्यादा पानी का सेवन वाटर टॉक्सिसिटी का भी कारण बन सकता है।
#3
भ्रम- नमी का जल स्तर पर पड़ता है असर
कुछ लोगों का मानना है कि नमी भरा मौसम जल स्तर पर असर डालता है, लेकिन इस बात में कोई सच्चाई नहीं है। नमी भरा मौसम सिर्फ आपके पसीने को सूखने से रोकता है, जिससे आपको अधिक पसीना आ सकता है। इसके अलावा यह आपके शरीर के तापमान को नियंत्रित करने की प्रक्रिया को भी प्रभावित करता है। इसलिए, यह कहना गलत होगा कि नमी का जल स्तर पर असर पड़ता है।
#4
भ्रम- नमी से हो जाती है खनिज की कमी
नमी से खनिज की कमी नहीं होती है। खनिज हमारे शरीर के लिए जरूरी होते हैं और ये हमारे खाने-पीने की चीजों से मिलते हैं। नमी से इनकी कमी नहीं होती, बल्कि अधिक पसीना आने पर इनकी मात्रा कम हो जाती है। इसलिए, जब आपको अधिक पसीना आए तो खनिज युक्त चीजें, जैसे नारियल पानी या खनिज पेय का सेवन करें। इससे आपके शरीर में खनिज का संतुलन बना रहेगा।
#5
भ्रम- नमी से त्वचा पर आ जाता है रूखापन
कुछ लोगों का मानना है कि अधिक नमी त्वचा को रूखा बना देती है। हालांकि, सच्चाई यह है कि नमी भरे मौसम में त्वचा पर तेल ग्रंथियां सक्रिय हो जाती हैं, जो त्वचा को प्राकृतिक रूप से नमी देने में मदद करती हैं। अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है तो नमी भरे मौसम में भी नमी देने वाले क्रीम का इस्तेमाल करना न भूलें। इससे आपकी त्वचा हाइड्रेट रहेगी और रूखेपन से बचेगी।