मधुमेह से ग्रसित लोगों में हो सकती है 'डायबिटिक न्यूरोपैथी', जानिए इसके लक्ष्ण और उपचार
क्या है खबर?
डायबिटिक न्यूरोपैथी मधुमेह से जुड़ी एक स्थिति है, जिसमें ज्यादा शुगर के कारण नसों को नुकसान पहुंचता है। यह समस्या शरीर के अलग-अलग हिस्सों में हो सकती है, लेकिन पैरों और हाथों में ज्यादा देखने को मिलती है। डायबिटिक न्यूरोपैथी के कारण पैरों में जलन, सुन्नता, झुनझुनी और दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि डायबिटिक न्यूरोपैथी का इलाज कैसे किया जा सकता है और इसके लक्षण क्या हैं।
कारण
डायबिटिक न्यूरोपैथी के कारण
डायबिटिक न्यूरोपैथी मुख्य रूप से ज्यादा शुगर के कारण होती है। जब शुगर का स्तर लंबे समय तक ज्यादा रहता है तो यह नसों को नुकसान पहुंचा सकता है।
इसके अलावा मोटापा, धूम्रपान, शराब का सेवन, उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी इस समस्या का कारण बन सकते हैं।
इसके अलावा अनियंत्रित मधुमेह और पोषण की कमी भी डायबिटिक न्यूरोपैथी का कारण बन सकती है। डॉक्टर आपकी स्थिति का सही कारण बता सकेंगे।
लक्षण
डायबिटिक न्यूरोपैथी के लक्षण
डायबिटिक न्यूरोपैथी के लक्षण व्यक्ति से व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। आमतौर पर इसमें पैरों और हाथों में जलन, सुन्नता, झुनझुनी और दर्द शामिल होते हैं।
इसके अलावा त्वचा पर खुजली, जलन या सनसनाहट भी महसूस हो सकती है। कुछ मामलों में पैरों में कमजोरी या चलने में दिक्कत भी हो सकती है।
अगर आपको मधुमेह है और इन लक्षणों का अनुभव हो रहा है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
निदान
डायबिटिक न्यूरोपैथी का निदान
डायबिटिक न्यूरोपैथी का पता लगाने के लिए डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर आपकी मेडिकल हिस्ट्री जानेंगे और शारीरिक जांच करेंगे।
इसके अलावा रक्त परीक्षण भी किया जा सकता है, ताकि शुगर के स्तर को मापा जा सके। डॉक्टर आपको विद्युत मांसपेशी परीक्षण या नसों की कार्यक्षमता की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।
इन परीक्षणों से डायबिटिक न्यूरोपैथी की स्थिति का पता लगाने में मदद मिलती है।
इलाज
डायबिटिक न्यूरोपैथी का इलाज
डायबिटिक न्यूरोपैथी का इलाज मुख्य रूप से मधुमेह को नियंत्रित रखने पर निर्भर करता है। नियमित रूप से शुगर के स्तर को मापना और दवाइयां लेना जरूरी है।
इसके अलावा संतुलित आहार लेना, नियमित व्यायाम करना और तनाव को कम करना भी महत्वपूर्ण है। दर्द निवारक दवाइयां, फिजियोथेरेपी और विशेष जूते भी मददगार हो सकते हैं।
कुछ मामलों में नसों की उत्तेजना तकनीक का उपयोग भी किया जा सकता है।
बचाव
डायबिटिक न्यूरोपैथी से कैसे बचा जा सकता है?
डायबिटिक न्यूरोपैथी से बचाव करने के लिए मधुमेह को नियंत्रित रखना जरूरी है। इसके लिए नियमित रूप से शुगर की जांच करवाएं और डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयों का सेवन करें।
संतुलित आहार लें, जिसमें फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल हों और चर्बी कम हो। नियमित व्यायाम करें, ताकि वजन नियंत्रित रहे और तनाव को कम करने के लिए योग या ध्यान करें।
धूम्रपान और शराब के सेवन से बचें।