क्या आपको सामान्य जुकाम हुआ है या एलर्जिक राइनाइटिस? जानें अंतर
क्या है खबर?
मानसून में नमी के कारण बैक्टीरिया और कीटाणुओं की संख्या बढ़ जाती है, जिससे सर्दी-जुकाम जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। हालांकि, कुछ लोग सर्दी-जुकाम को सामान्य समझकर घरेलू उपाय आजमाते हैं, लेकिन इससे उनकी समस्या बढ़ सकती है। आमतौर पर मानसून में होने वाली सर्दी-जुकाम को लोग सामान्य समझते हैं, लेकिन इससे एलर्जी का खतरा बढ़ सकता है। आइए जानते हैं कि मानसून में होने वाली सर्दी-जुकाम और एलर्जिक राइनाइटिस में क्या अंतर है।
लक्षण
मानसून में होने वाली सर्दी-जुकाम के लक्षण
मानसून में होने वाली सर्दी-जुकाम के लक्षण सामान्य होते हैं। इसमें गले की खराश, खांसी, छींक आना, नाक का बंद होना, सिरदर्द और हल्का बुखार शामिल हैं।
इसके अलावा सांस लेने में थोड़ी दिक्कत भी हो सकती है। इस तरह के लक्षण 7 से 10 दिन में ठीक हो जाते हैं।
हालांकि, अगर आपको इन लक्षणों के साथ आंखों में खुजली, लाल आंखें, आंखों का पानी आना और आंखों का सूजना जैसी समस्याएं हो रही हैं तो सतर्क हो जाएं।
लक्षण
एलर्जिक राइनाइटिस के लक्षण
एलर्जिक राइनाइटिस एक एलर्जी है, जो किसी चीज के संपर्क में आने पर होती है।
इसके लक्षण मानसून में होने वाली सर्दी-जुकाम के समान होते हैं, लेकिन इसमें आंखों का लाल होना, आंखों में खुजली होना, आंखों का सूजना और आंखों का पानी आना शामिल हैं।
इसके अलावा एलर्जिक राइनाइटिस के कारण सिरदर्द और सांस लेने में दिक्कत भी हो सकती है। इसके लक्षण मानसून में होने वाली सर्दी-जुकाम की तुलना में ज्यादा गंभीर होते हैं।
कारण
मानसून में होने वाली सर्दी-जुकाम और एलर्जिक राइनाइटिस के कारण
मानसून में होने वाली सर्दी-जुकाम का कारण बैक्टीरिया या कीटाणु होते हैं, जबकि एलर्जिक राइनाइटिस की समस्या किसी चीज से एलर्जी के कारण होती है।
इसके अलावा मानसून में होने वाली सर्दी-जुकाम एक संक्रामक बीमारी है, जबकि एलर्जिक राइनाइटिस संक्रामक नहीं है।
मानसून में होने वाली सर्दी-जुकाम को किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने, संक्रमित हवा में सांस लेने या संक्रमित चीजों के इस्तेमाल से हो सकती है।
इलाज
मानसून में होने वाली सर्दी-जुकाम और एलर्जिक राइनाइटिस का इलाज
मानसून में होने वाली सर्दी-जुकाम का इलाज घरेलू उपायों और दवाओं से किया जा सकता है, जबकि एलर्जिक राइनाइटिस का इलाज करने के लिए डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
इसके अलावा मानसून में होने वाली सर्दी-जुकाम से ग्रस्त व्यक्ति को डॉक्टर एंटीबायोटिक दवा खाने की सलाह देते हैं, लेकिन एलर्जिक राइनाइटिस की समस्या से ग्रस्त व्यक्ति को डॉक्टर एंटीहिस्टामाइन दवा खाने की सलाह देते हैं।