हार्ट अटैक का कारण नहीं है कोलेस्ट्रॉल, जानिए इससे जुड़े कारक
क्या है खबर?
हार्ट अटैक एक गंभीर स्थिति है, जो किसी भी उम्र में हो सकती है। इसे लेकर कई भ्रम और गलतफहमियां हैं। इनमें से एक यह है कि हार्ट अटैक का कारण सिर्फ कोलेस्ट्रॉल होता है। हालांकि, यह सच नहीं है। कोलेस्ट्रॉल के अलावा भी कई अन्य कारक हैं, जो हार्ट अटैक का कारण बन सकते हैं। आइए आज हम आपको उन कारकों के बारे में बताते हैं, जिनका ध्यान रखना हार्ट अटैक से बचाव में मददगार हो सकता है।
#1
उच्च रक्तचाप का प्रभाव
उच्च रक्तचाप को 'साइलेंट किलर' भी कहा जाता है। यह बिना किसी स्पष्ट लक्षण के धीरे-धीरे आपके दिल को नुकसान पहुंचा सकता है।
उच्च रक्तचाप से खून की नलियों पर दबाव बढ़ता है, जिससे दिल को अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
इससे दिल की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है और यह कठोर हो जाती हैं, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए नियमित रूप से रक्तचाप की जांच कराना जरूरी है।
#2
मधुमेह भी है एक कारण
मधुमेह एक ऐसी बीमारी है, जो न केवल शर्करा स्तर को प्रभावित करती है बल्कि दिल की सेहत पर भी गहरा असर डालती है।
मधुमेह होने पर शरीर इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाता, जिससे खून में शर्करा का स्तर बढ़ जाता है। उच्च शर्करा स्तर से खून की नलियों को नुकसान पहुंचता है और दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।
इसके अलावा मधुमेह से वजन बढ़ने, उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल की समस्या भी हो सकती है।
#3
धूम्रपान करने वालों को है अधिक खतरा
धूम्रपान करने वालों के लिए हार्ट अटैक का जोखिम बहुत ज्यादा होता है। धूम्रपान से शरीर में हानिकारक पदार्थ प्रवेश करते हैं, जो खून की नलियों को संकुचित करते हैं और खून के प्रवाह को बाधित करते हैं।
इससे दिल को अधिक मेहनत करनी पड़ती है और इसकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा धूम्रपान से खून के थक्के बनने की संभावना भी बढ़ जाती है, जो हार्ट अटैक का कारण बन सकते हैं।
#4
मोटापा भी है बड़ा कारण
मोटापा अपने आप में कोई बीमारी नहीं है, बल्कि कई बीमारियों का कारण बनती है। मोटापे से शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा होती है, जो उच्च कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ाती है।
ये सभी समस्याएं हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकती हैं। इसलिए वजन नियंत्रित करना बहुत जरूरी है। इसके लिए संतुलित आहार लेना और नियमित रूप से एक्सरसाइज करना चाहिए।
#5
तनाव भी है एक कारण
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव आम बात हो गया है, लेकिन यह दिल की सेहत पर बुरा असर डाल सकता है।
तनाव से शरीर में कुछ हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जो दिल की धड़कन और रक्तचाप को प्रभावित करता है।
इससे दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए तनाव को नियंत्रित करना बहुत जरूरी है। इसके लिए ध्यान, योग और सही समय पर आराम करना चाहिए।