मेघालय के चेरापूंजी में हैं कई जिंदा जड़ों से बने पुल, इन्हें बनाएं यात्रा का हिस्सा
क्या है खबर?
मेघालय में स्थित चेरापूंजी जिंदा जड़ों से बने पुलों के लिए मशहूर है। ये पुल प्राकृतिक रूप से बने हैं और यहां की स्थानीय जनजातियां इन्हें बनाने के लिए रबर के पेड़ों की जड़ों का उपयोग करती हैं। ये पुल न केवल देखने में सुंदर होते हैं, बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षण का केंद्र हैं। इन पुलों की यात्रा आपको प्रकृति के करीब ले जा सकती है और यहां के अद्वितीय दृश्य और अनुभव आपको मंत्रमुग्ध कर देंगे।
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रमीरी पुल
रमीरी पुल चेरापूंजी से लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित है। इसे बनाने में स्थानीय लोगों ने कई साल मेहनत की थी। इस पुल पर चलना एक रोमांचक अनुभव है, क्योंकि यह पूरी तरह से पेड़ों की जड़ों से बना हुआ है। यहां पहुंचने के लिए थोड़ी चढ़ाई करनी पड़ती है, लेकिन इसका नजारा आपकी सारी थकान मिटा देगा। पुल पर चलते समय आपको चारों ओर हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद मिलेगा, जो बहुत ही मनमोहक है।
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नोंगरीह पुल
नोंगरीह पुल रमीरी पुल से लगभग 2 किलोमीटर दूर स्थित है। यह भी पेड़ों की जड़ों से बना हुआ है और इसकी बनावट बहुत ही मजबूत है। इस पुल पर चलते समय आपको ऐसा लगेगा जैसे आप किसी जादुई दुनिया में प्रवेश कर रहे हों। यहां का माहौल बहुत ही शांत और सुकून भरा है। नोंगरीह गांव के लोग इस पुल की देखभाल करते हैं और इसे सुरक्षित रखने के लिए मेहनत करते हैं।
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मेघालय के अन्य जिंदा जड़ों के पुल
मेघालय में चेरापूंजी के अलावा भी कई अन्य जिंदा जड़ों के पुल मौजूद हैं, जैसे कि सोंगशान पुल और सोंगथांग पुल आदि। ये सभी पुल अपनी अनोखी बनावट और सुंदरता के लिए मशहूर हैं। इन पुलों पर चलना एक अनोखा अनुभव है, जो आपको प्रकृति के करीब ले जाता है। इन सभी पुलों की यात्रा करके आप मेघालय की प्राकृतिक सुंदरता और स्थानीय संस्कृति को करीब से देख सकते हैं, जो एक यादगार अनुभव है।
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स्थानीय संस्कृति का अनुभव लें
चेरापूंजी केवल जिंदा जड़ों के पुलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की स्थानीय संस्कृति भी बहुत समृद्ध है। यहां आने वाले पर्यटक स्थानीय लोगों से मिलकर उनकी जीवनशैली को समझ सकते हैं और उनके साथ समय बिता सकते हैं। स्थानीय बाजारों में घूमना, वहां के पारंपरिक कपड़े पहनना और स्थानीय खाने का स्वाद लेना भी एक अच्छा अनुभव होगा। यहां की जनजातियां अपनी पारंपरिक कला और संस्कृति को बहुत गर्व से प्रस्तुत करती हैं।
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मौसम की जानकारी रखें
चेरापूंजी में बारिश का मौसम काफी लंबे समय तक रहता है, इसलिए यात्रा करने से पहले मौसम की जानकारी जरूर ले लें। सबसे अच्छा समय मार्च से मई तक माना जाता है, जब मौसम सुहावना होता है और बारिश की संभावना कम रहती है। इसके अलावा सितंबर से नवंबर तक भी यहां आना अच्छा रहता है, क्योंकि इस दौरान मौसम ठंडा रहता है और प्राकृतिक दृश्य भी बहुत सुंदर होते हैं।