मानसून के दौरान बढ़ जाते हैं मूत्र मार्ग संक्रमण के मामले, जानिए इसके कारण
क्या है खबर?
मूत्र मार्ग संक्रमण (UTI) एक बीमारी है, जो बैक्टीरिया के कारण होती है। यह पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित कर सकती है। UTI किसी भी उम्र के लोगों को हो सकती है, लेकिन यह महिलाओं में ज्यादा होती है। मानसून के दौरान नमी और बैक्टीरिया के बढ़ते स्तर के कारण UTI के मामलों में वृद्धि हो सकती है। आइए जानते हैं कि UTI के क्या कारण हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।
कारण
मानसून के दौरान UTI के मामले क्यों होते हैं ज्यादा?
मानसून के दौरान UTI के मामलों में वृद्धि का मुख्य कारण नमी और बैक्टीरिया का बढ़ता स्तर है।
इस मौसम में हवा में नमी बढ़ जाती है, जो बैक्टीरिया के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण बनाती है।
इसके अलावा बारिश के पानी में भी कई तरह के बैक्टीरिया होते हैं, जो संक्रमण का कारण बन सकते हैं। इसके साथ ही मानसून में लोग अक्सर गीले कपड़े पहनते हैं, जो भी UTI का कारण बन सकते हैं।
लक्षण
UTI के लक्षण
UTI के लक्षणों में पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशाब आना, पेशाब करने की इच्छा का अचानक होना, पेशाब का गंदा या गंध वाला होना, कमर या पेट के निचले हिस्से में दर्द और बुखार शामिल हैं।
इसके अलावा थकान, जी मिचलाना, उल्टी और पेशाब में खून आना भी इसके लक्षण हो सकते हैं।
अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और जांच करवाएं।
कारण
UTI होने के कारण
UTI होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें खराब व्यक्तिगत सफाई, गीले कपड़े पहनना, गंदे पानी में नहाना, पेशाब रोककर रखना, पेशाब के बाद सफाई सही तरीके से न करना, पेशाब करने के बाद टॉयलेट सीट को ठीक से साफ न करना, गंदा पानी पीना या खाना, गंदे पानी से बने खाद्य पदार्थ खाना, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता, गर्भावस्था, मधुमेह, दवाओं का अधिक सेवन करना और पेशाब के रास्ते में रुकावट शामिल हैं।
बचाव
UTI से बचने के तरीके
UTI से बचने के लिए सबसे पहले व्यक्तिगत सफाई पर ध्यान दें। इसके अलावा गीले कपड़े पहनने से बचें और गंदे पानी से नहाने से भी बचें। पेशाब रोककर न रखें और पेशाब करने के बाद टॉयलेट सीट को अच्छी तरह साफ करें।
साथ ही गंदे पानी से बने खाद्य पदार्थों और गंदा पानी पीने से भी बचें। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग भी UTI से प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए।
इलाज
UTI का घरेलू इलाज
UTI के घरेलू इलाज के लिए आप खाने में पानी की मात्रा बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा करौंदे का रस या विटामिन-C वाले फल खाएं।
साथ ही नींबू पानी पिएं और गर्म पानी की बोतल से प्रभावित क्षेत्र पर हल्का दबाव डालें।
इसके अलावा दालचीनी और हल्दी की चाय का सेवन करें। हालांकि, अगर घरेलू उपायों से कोई फर्क नहीं पड़ रहा है तो डॉक्टर से संपर्क करें।