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क्या आपके जीन फेफड़ों के कैंसर का जोखिम बढ़ा सकते हैं? जानिए इसकी सच्चाई
फेफड़ों का कैंसर

क्या आपके जीन फेफड़ों के कैंसर का जोखिम बढ़ा सकते हैं? जानिए इसकी सच्चाई

लेखन सयाली
Aug 01, 2026
05:59 pm

क्या है खबर?

फेफड़ों का कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जो किसी भी उम्र और लिंग के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है। कई लोग मानते हैं कि यह बीमारी केवल धूम्रपान करने वालों या धुएं के संपर्क में रहने वालों को होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि जीन भी इस बीमारी के जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं? आइए जानते हैं कि जीन का फेफड़ों के कैंसर से क्या संबंध है और किस तरह से यह जोखिम बढ़ा सकते हैं।

#1

जीन का मतलब क्या होता है?

जीन हमारे शरीर की संरचना और कामकाज को निर्धारित करने वाले तत्व होते हैं। ये हमें माता-पिता से मिलते हैं और हमारे शरीर की सभी खासियतों को नियंत्रित करते हैं।

इनमें रंग, ऊंचाई, बालों का रंग और यहां तक कि कुछ बीमारियों का खतरा भी शामिल होता है। हमारे शरीर की सभी विशेषताओं को नियंत्रित करने वाले ये तत्व हमें हमारे माता-पिता से मिलते हैं।

इनसे ही बच्चों को अपना रूप भी मिलता है।

#2

किस तरह बढ़ सकता है खतरा?

कुछ खास जीन में बदलाव फेफड़ों के कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं। जैसे कुछ जीन में बदलाव स्तन कैंसर से जुड़े होते हैं, वैसे ही कुछ जीन में बदलाव फेफड़ों के कैंसर से जुड़े हो सकते हैं।

हालांकि, यह जरूरी नहीं कि हर किसी में ये बदलाव पाए जाएं। इनकी उपस्थिति से ही किसी बीमारी का पता नहीं चल पाता, लेकिन यह खतरे को भी बढ़ा सकते हैं।

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#3

धूम्रपान का असर

धूम्रपान करने वालों में फेफड़ों का कैंसर होने की संभावना अधिक होती है। इसका मुख्य कारण यह है कि धूम्रपान करने से धुएं में मौजूद हानिकारक तत्व हमारे शरीर में जाकर हमारे जीन को प्रभावित करते हैं।

इसके कारण जीन में बदलाव हो सकते हैं, जो कैंसर का कारण बन सकते हैं। इसलिए, अगर आप धूम्रपान करते हैं तो इसे छोड़ना आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है।

इसके अलावा धुएं के संपर्क में आने से भी बचें।

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#4

पारिवारिक इतिहास का महत्व

अगर आपके परिवार में किसी सदस्य को फेफड़ों का कैंसर हुआ हो तो आपके लिए सावधान रहना जरूरी है, क्योंकि पारिवारिक इतिहास वाले लोगों में इस बीमारी का खतरा अधिक होता है।

यह इसलिए होता है, क्योंकि कुछ जीन जो फेफड़ों के कैंसर से जुड़े होते हैं, वे परिवार के सभी सदस्यों में पाए जाते हैं।

इसके अलावा पारिवारिक इतिहास वाले लोगों को अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच करवानी चाहिए, ताकि समय रहते किसी समस्या का पता चल सके।

#5

जांच और उपचार

अगर आपको लगता है कि आपके परिवार में किसी सदस्य को फेफड़ों का कैंसर हुआ था तो आपको अपनी जांच करवानी चाहिए, ताकि समय रहते इसका पता चल सके।

इसके अलावा स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर भी आप इस बीमारी से बच सकते हैं, जैसे कि संतुलित खाना लेना, नियमित व्यायाम करना और तनाव मुक्त रहना।

इस प्रकार हम देख सकते हैं कि जीन और पारिवारिक इतिहास, दोनों ही फेफड़ों के कैंसर के खतरे को प्रभावित करते हैं।

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