उत्तराखंड: खूबसूरत पर्यटन स्थल है चोपता, जानिए कब करें यहां की यात्रा
क्या है खबर?
उत्तराखंड में स्थित चोपता एक बेहद सुंदर पर्यटन स्थल है। यह जगह अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांति के लिए जानी जाती है। चोपता को 'मिनी स्विट्जरलैंड' भी कहा जाता है क्योंकि यहां की हरियाली और पहाड़ियां स्विट्जरलैंड की याद दिलाती हैं। अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं और शांतिपूर्ण वातावरण में कुछ समय बिताना चाहते हैं तो चोपता आपके लिए आदर्श स्थान हो सकता है। यहां की ठंडी हवा और साफ नदियां आपको एक अलग ही अनुभव देंगी।
समय
चोपता जाने का सबसे अच्छा समय
चोपता जाने का सबसे अच्छा समय अप्रैल से जून और सितंबर से नवंबर तक है। इन महीनों में मौसम सुहावना रहता है, जिससे आप बिना किसी परेशानी के घूम सकते हैं। गर्मियों में तापमान 15-25 डिग्री के बीच रहता है, जो ट्रेकिंग और कैंपिंग के लिए आदर्श है। बरसात के मौसम में भी यहां की हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता देखने लायक होती है। इस समय आप कई प्रकार के पेड़-पौधे और जानवर देख सकते हैं।
पहुंच
चोपता कैसे पहुंचे?
चोपता पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी ट्रेन स्टेशन ऋषिकेश है, जो लगभग 200 किलोमीटर दूर है। यहां से आप टैक्सी या बस से चोपता जा सकते हैं। अगर आप हवाई मार्ग से यात्रा करना चाहते हैं तो सबसे नजदीकी हवाई अड्डा देहरादून है, जो लगभग 250 किलोमीटर दूर है। यहां से भी टैक्सी या बस से चोपता पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा अगर आप सड़क मार्ग से यात्रा करना चाहते हैं तो यह लगभग 450 किलोमीटर दूर है।
जगहें
चोपता में घूमने लायक जगहें
चोपता में कई सुंदर जगहें हैं, जहां आप जा सकते हैं। इनमें तुंगनाथ मंदिर, चौखंबा चोटी, चोपता ट्रेक, धनोल्टी, देवदार के जंगल और सूर्यास्त देखने का स्थान शामिल हैं। तुंगनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन मंदिर है, जो समुद्र तल से 3,680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। चौखंबा चोटी हिमालय की सबसे ऊंची चोटियों में से एक है, जहां से पूरे हिमालय का दृश्य देखा जा सकता है।
गतिविधियां
चोपता में करने के लिए गतिविधियां
चोपता में आप कई प्रकार की गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं। इनमें ट्रेकिंग, कैंपिंग, फोटोग्राफी, पक्षी देखना, मछली पकड़ना और स्थानीय संस्कृति का अनुभव करना शामिल है। ट्रेकिंग करने वाले यात्रियों के लिए कई मार्ग उपलब्ध हैं, जिनमें तुंगनाथ ट्रेक सबसे लोकप्रिय है। यहां पक्षी देखने वालों को भी निराश नहीं होना पड़ेगा क्योंकि यहां कई प्रकार के पक्षी देखे जा सकते हैं।