सब्जियों में कृत्रिम रंगों के इस्तेमाल की पहचान करने में काम आएंगी ये टिप्स
क्या है खबर?
अक्सर बाजार में सब्जियों को कृत्रिम रंग से चमकदार बनाया जाता है। इससे वे देखने में आकर्षक लगती हैं, लेकिन यह हमारी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए, यह जानना जरूरी है कि सब्जियां ताजी हैं या नहीं। आज हम आपको कुछ सरल तरीके बताने वाले हैं, जिनसे आप सब्जियों की ताजगी का पता लगा सकते हैं और जान सकते हैं कि उनमें कृत्रिम रंग इस्तेमाल हुए हैं या नहीं।
#1
सब्जियों की खुशबू और रंग से लगाएं पता
जब आप सब्जियां खरीदें, तो उन्हें सूंघकर देखें। ताजा सब्जियों की महक अच्छी होती है, जबकि कृत्रिम रंगों से रंगी हुई सब्जियों में कोई खास खुशबू नहीं होती। इसके अलावा ताजा सब्जियां छूने पर नरम महसूस होती हैं, जबकि रंगी हुई सब्जियां सख्त होती हैं। आप उंगली से घिसकर भी देख सकते हैं कि कहीं सब्जी का रंग उतर तो नहीं रहा है। अगर ऐसा हो तो सब्जी का सेवन न करें।
#2
काटकर देखें
सब्जियों को काटकर भी आप उनकी ताजगी की जांच कर सकते हैं। ताजा सब्जियों को काटने पर जो रस निकलता है वह हल्का होता है, जबकि रंगी हुई सब्जियों का रस गहरा होता है। अगर सब्जियों को काटने पर रस नहीं निकलता, तो वे कृत्रिम रंग वाली हो सकती हैं। साथ ही ऐसी सब्जियों को काटने पर वे अंदर से ताजा नहीं लगती हैं, जो एक सीधा संकेत है कि उन्हें रासायनिक प्रक्रिया से पकाया गया है।
#3
स्वाद से पहचानें
सब्जियों का स्वाद चखकर भी उनकी ताजगी का अंदाजा लगाया जा सकता है। अगर स्वाद कड़वा या अजीब लगता है तो संभव है कि उसमें रंग का इस्तेमाल हुआ हो। ताजा सब्जियों का स्वाद अच्छा और प्राकृतिक होता है, जो किसी भी तरह से रासायनिक नहीं लगता है। साथ ही जब आप ऐसी सब्जियों को पकाते हैं तो भी उनका रंग आसानी से उतरने लगता है। पकाने के बाद उनकी बनावट भी बदल सकती है।
#4
सब्जियों को छीलने से भी चल जाएगा पता
सब्जियों को छीलकर भी उनकी ताजगी देखी जा सकती है। अगर छिलके का रंग बदल जाता है, तो समझिए कि उसमें रंग का इस्तेमाल हुआ है। ताजा सब्जियों का छिलका अपने असली रंग में रहता है, चाहे आप उसे छीलने से पहले साफ भी कर लें। इन तरीकों से आप सब्जियों की ताजगी आसानी से पहचान सकते हैं और जान सकते हैं कि वे कृतिम रंगों से तो नहीं रंगी गई हैं।