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मुंबई में फैला है लेप्टोस्पायरोसिस; जानिए इसके कारण, लक्षण और बचाव के तरीके
लेप्टोस्पायरोसिस के बारे में सबकुछ

मुंबई में फैला है लेप्टोस्पायरोसिस; जानिए इसके कारण, लक्षण और बचाव के तरीके

लेखन सयाली
Jul 10, 2026
03:02 pm

क्या है खबर?

मुंबई में हाल ही में लेप्टोस्पायरोसिस बुखार के मामलों में वृद्धि हुई है, जिससे स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। इस संक्रामक रोग का कारण लेप्टोस्पाइरा नामक बैक्टीरिया होता है, जो चूहों समेत अन्य जानवरों के मूत्र से फैलता है। यह रोग बारिश के बाद कीचड़ और गंदगी में रहने वाले लोगों के लिए अधिक खतरनाक है। आइए जानते हैं कि लेप्टोस्पायरोसिस के क्या लक्षण होते हैं और इससे बचने के लिए क्या-क्या करना चाहिए।

संक्रमण

क्या है लेप्टोस्पायरोसिस?

लेप्टोस्पायरोसिस एक संक्रामक रोग है, जो लेप्टोस्पाइरा नामक बैक्टीरिया के संपर्क में आने से होता है। यह बैक्टीरिया चूहों समेत अन्य जानवरों के मूत्र से फैलता है। इस रोग के कारण बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस समय मुंबई में इस रोग के कई मामले सामने आए हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। यह बीमारी बारिश की वजह से ज्यादा फैल रही है।

लक्षण

लेप्टोस्पायरोसिस के लक्षण

लेप्टोस्पायरोसिस के लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम से मिलते-जुलते होते हैं, लेकिन यह बहुत गंभीर हो सकता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, दस्त, पीठ दर्द और त्वचा पर चकत्ते शामिल हैं। इसके अलावा यह रोग यकृत और गुर्दे को भी प्रभावित कर सकता है। अगर आपको इन लक्षणों में से कोई भी दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और जांच करवाएं, ताकि समय रहते उचित उपचार मिल सके।

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कारण

लेप्टोस्पायरोसिस का कारण

लेप्टोस्पायरोसिस का मुख्य कारण लेप्टोस्पाइरा नामक बैक्टीरिया होता है, जो चूहों समेत अन्य जानवरों के मूत्र से फैलता है। बारिश के बाद कीचड़ और गंदगी में रहने वाले लोगों के लिए यह रोग बहुत खतरनाक है। इस बैक्टीरिया के संपर्क में आने से व्यक्ति इस रोग की चपेट में आ सकता है। इसलिए, बारिश के बाद कीचड़ और गंदगी में न जाएं और अगर जाना पड़े तो पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और रबर के जूते पहनें।

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बचाव

लेप्टोस्पायरोसिस से बचने के तरीके

लेप्टोस्पायरा बैक्टीरिया से बचाव के लिए खुद को सूखा रखें और बारिश के पानी में न जाएं। इसके अलावा अपने आसपास की जगहों को साफ-सुथरा रखें, ताकि चूहे न आएं। अगर कोई जानवर मरे हुए दिखे तो उसे छूने की गलती न करें और तुरंत नगर निगम को सूचित करें। इसके अलावा बारिश के पानी से बचाव के लिए रबर के जूते, छाते, बरसाती और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।

इलाज

लेप्टोस्पायरोसिस का इलाज

लेप्टोस्पायरोसिस का इलाज एंटीबायोटिक दवाइयों से किया जाता है। अगर समय रहते इसका पता चल जाए तो इसका इलाज आसानी से किया जा सकता है। अगर आपको तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी या दस्त की समस्या हो रही हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और जांच करवाएं। डॉक्टर द्वारा दी गई एंटीबायोटिक दवाइयों का सेवन नियमित रूप से करें, ताकि आप जल्द ठीक हो सकें और इस रोग से सुरक्षित रह सकें।

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