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भारत में वायु प्रदूषण कम कर रहा है जिंदगी, 3.5 साल तक घट सकती है उम्र

भारत में वायु प्रदूषण कम कर रहा है जिंदगी, 3.5 साल तक घट सकती है उम्र

लेखन सयाली
Aug 29, 2025
12:39 pm

क्या है खबर?

वायु प्रदूषण एक बड़ी समस्या बन चुका है, जिसमें लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसके कारण सांस लेने में तकलीफ होती है और हृदय रोग जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसी बीच एक अध्ययन के जरिए सामने आया है कि दूषित हवा के कारण लोगों की उम्र भी कम हो रही है। शिकागो विश्वविद्यालय में ऊर्जा नीति संस्थान (EPIC) की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में वायु प्रदूषण से जीवन प्रत्याशा 3.5 साल कम हो रही है।

रिपोर्ट

दिल्ली के लोगों का है सबसे बुरा हाल

वायु गुणवत्ता जीवन सूचकांक (AQLI) के आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर भारत दुनिया का सबसे प्रदूषित क्षेत्र बना हुआ है। यहां के लोग दूषित हवा के बीच सांस ले रहे हैं और बीमार पड़ रहे हैं। यह विश्लेषण 2023 के आंकड़ों पर आधारित है। इसका असर सबसे ज्यादा राजधानी दिल्ली में देखने को मिल रहा है। भारतीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के AQLI आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली-NCR के लोग अपनी अपेक्षित उम्र से 8.2 साल कम जीते हैं।

प्रदूषण

कितनी कम हो सकती है जिंदगी? 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दिशानिर्देशों के मुताबिक, अगर भारत अपने पर्टिकुलेट मैटर (PM) 2.5 मानकों को पूरा कर लेता है तो जीवन प्रत्याशा को बढ़ाया जा सकता है। भारत के 145 करोड़ लोग ऐसे क्षेत्रों में रहते हैं, जहां वार्षिक कण स्तर WHO के दिशानिर्देश से ज्यादा है। वायु प्रदूषण बिहार के लोगों का जीवन 5.6 वर्ष कम कर रहा है। इसके कारण हरियाणा के लोग 5.3 साल और उत्तर प्रदेश के लोग 5 साल कम जी रहे हैं।

AQLI

जानिए क्या है AQLI

AQLI एक प्रदूषण सूचकांक है, जो मानव जीवन प्रत्याशा पर सूक्ष्म कण वायु प्रदूषण (PM 2.5) के दीर्घकालिक संपर्क के प्रभाव को मापता है। यह दर्शाता है कि वायु प्रदूषण के स्तर में परिवर्तन होने पर जीवन प्रत्याशा कितनी कम हो जाती है या बढ़ जाती है। AQLI रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि बांग्लादेश, भारत, नेपाल और पाकिस्तान जैसे देश कण प्रदूषण के उच्च स्तर के कारण खराब वायु गुणवत्ता के केंद्र बने हुए हैं।

जीवन प्रत्याशा

वायु प्रदूषण कम करने से बढ़ सकती है आपकी उम्र

देश के उत्तरी मैदानी इलाकों में लगभग 54.44 करोड़ लोग रहते हैं, जो सबसे प्रदूषित क्षेत्र हैं। अगर हम इन इलाकों में वायु प्रदूषण को घटाने में सफल होते हैं तो यहां के लोगों की आयु औसतन 5 साल तक बढ़ सकती है। राष्ट्रीय मानक की तुलना में यह बढ़त औसतन 1.6 साल की होगी। यहां तक ​​कि अगर सबसे स्वच्छ क्षेत्रों में भी प्रदूषण को कम किया जाए तो जीवन प्रत्याशा 9.4 महीने तक बढ़ सकती है।

तरीके

वायु प्रदूषण घटाने के लिए उठाएं ये कदम

आप वायु प्रदूषण को घटाने के लिए कई अहम कदम उठा सकते हैं, जिससे जीवन बेहतर बनेगा। पैदल, सार्वजनिक परिवहन या साइकिल से यात्रा करने से वाहनों के कारण होने वाला प्रदूषण घट जाएगा। इसके साथ ऊर्जा की खपत कम करने और कचरा जलाने से बचने से भी घरेलू वायु प्रदूषण में कमी आएगी। अगर आप ज्यादा पेड़-पौधे लगाएंगे तो भी आपके आस-पास की वायु शुद्ध और स्वच्छ हो जाएगी।