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गर्मियों के दौरान इन 5 आयुर्वेदिक टिप्स को अपनाने से रहेंगे स्वस्थ, जानिए कैसे
गर्मियों में अपनाएं ये आयुर्वेदिक टिप्स

गर्मियों के दौरान इन 5 आयुर्वेदिक टिप्स को अपनाने से रहेंगे स्वस्थ, जानिए कैसे

लेखन अंजली
Apr 30, 2026
05:47 pm

क्या है खबर?

गर्मियों के दौरान पसीना आना एक आम बात है, लेकिन अगर यह अधिक मात्रा में आए तो यह कई समस्याओं का कारण बन सकता है। आयुर्वेद के अनुसार, गर्मियों के दौरान शरीर में पित्त दोष बढ़ जाता है, जो कई समस्याओं का कारण बन सकता है। यहां हम आपको कुछ ऐसे आयुर्वेदिक उपाय बताएंगे, जिनसे आप गर्मियों के दौरान पित्त दोष को संतुलित रख सकते हैं और स्वस्थ रह सकते हैं।

#1

गर्मियों में रोजाना करें तेल की मालिश

गर्मियों में रोजाना तेल की मालिश करना एक अच्छा तरीका है, जिससे आप अपने शरीर को ठंडा रख सकते हैं। इसके लिए आप नारियल या तिल के तेल का उपयोग कर सकते हैं। ये तेल त्वचा को ठंडक पहुंचाते हैं और पित्त दोष को संतुलित रखते हैं। मालिश करने से खून का बहाव भी बेहतर होता है और शरीर की गर्मी बाहर निकलती है, जिससे आप तरोताजा महसूस करते हैं।

#2

शरीर में पानी की कमी न होने दें

गर्मियों के दौरान शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए क्योंकि पसीने के माध्यम से शरीर बहुत सारा पानी खो देता है। इसके लिए दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए। साथ ही नारियल पानी, खीरा, तरबूज जैसी पानी वाली चीजों का सेवन भी फायदेमंद होता है। इससे शरीर को ठंडक मिलती है और पित्त दोष संतुलित रहता है।

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#3

ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करें

गर्मियों में ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करना भी बहुत अच्छा होता है। लस्सी, छाछ या नींबू पानी जैसे पेय शरीर को ठंडक देते हैं और पित्त दोष को संतुलित रखते हैं। इन पेय पदार्थों में मौजूद पोषक तत्व और विटामिन्स शरीर को तरोताजा महसूस कराते हैं और ताजगी प्रदान करते हैं। इसके अलावा आप पुदीना या धनिया पत्ती वाली चाय भी बना सकते हैं, जो पाचन को बेहतर बनाती है और गर्मियों में आरामदायक महसूस कराती है।

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#4

हल्का और पोषक आहार लें

गर्मियों में हल्का और पोषक आहार लेना चाहिए ताकि शरीर को आवश्यक ऊर्जा मिले बिना भारी महसूस किए। दही, खीरा, तरबूज, पपीता आदि फल खाने चाहिए क्योंकि इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है। इनसे पाचन तंत्र भी सही रहता है और शरीर को ठंडक मिलती है। इसके अलावा हरी सब्जियां जैसे पालक, मेथी, पत्तेदार गोभी आदि भी शामिल करनी चाहिए क्योंकि इनमें विटामिन्स और मिनरल्स होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं।

#5

नियमित रूप से योग और प्राणायाम करें

आयुर्वेद के अनुसार, नियमित रूप से योग और सांस के व्यायाम करना भी बहुत फायदेमंद होता है, जिससे शरीर की ऊर्जा संतुलित रहती है और मन भी शांत रहता है। सूर्य नमस्कार, वृक्षासन, ताड़ासन जैसे योगासन अपनाए जा सकते हैं। इसके अलावा अनुलोम-विलोम, कपालभाति जैसे प्राणायाम भी किए जा सकते हैं, जो श्वसन तंत्र को मजबूत बनाते हुए शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाते हैं।

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