इंसान किस उम्र में रहता है सबसे ज्यादा खुश? अध्ययन में आया सामने
क्या है खबर?
उम्र बढ़ने और जीवन में नए-नए अनुभव होने के साथ-साथ खुशी का स्वरूप भी बदलता रहता है। हालांकि, एक नए अध्ययन से इस सवाल का जवाब सामने आया है कि हम सबसे अधिक प्रसन्न कब होते हैं। स्वीडन में स्थित TePe नामक कंपनी द्वारा कराए गए एक ब्रिटिश सर्वे के अनुसार, लोग 47 वर्ष की आयु में विशेषकर सबसे अधिक खुश और आत्मविश्वासी महसूस करते हैं। आइए इस अध्ययन के बारे में विस्तार से जानते हैं।
अध्ययन
40 की उम्र के बाद खुद पर ध्यान देने लगते हैं लोग
TePe में क्लिनिकल एजुकेशन की प्रमुख और डेंटल थेरेपिस्ट मिरांडा पास्कुची का कहना है कि 40 के बाद वाली उम्र तक लोग हानिकारक वातावरण से बाहर निकल चुके होते हैं और दिखावट की बजाय अपने स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देते हैं। उन्होंने आगे कहा, "बढ़ती उम्र के साथ लोग यह महसूस करने लगते हैं कि स्वास्थ्य केवल दिखावट नहीं है। यह इस बारे में है कि आप कैसा महसूस करते हैं और आपका शरीर कितने अच्छे से काम करता है।"
सर्वे
2,000 ब्रिटिश नागरिकों पर किया गया सर्वे
इस अध्ययन के लिए 2,000 ब्रिटिश नागरिकों से जीवन के उस उम्र के बारे में पूछा गया जब स्वास्थ्य और खुशी अपने चरम पर होती है। उनमें से लगभग आधे लोगों ने कहा कि 40 की उम्र के बाद जीवन बेहतर हो जाता है। लगभग 47 प्रतिशत लोगों ने कहा कि खुशी 40 की उम्र के बाद चरम पर होती है क्योंकि वे अपने स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति अधिक जागरूक होते हैं।
सोशल मीडिया
सोशल मीडिया से भी इस अध्ययन के लिए मिले प्रमाण
अधिकांश लोगों ने यह कहा कि इस उम्र तक वे दूसरों को खुश करने की होड़ से बाहर निकल चुके होते हैं और इसके बजाय खुद पर ध्यान केंद्रित करते हैं। अध्ययन के अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया पर 40 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के ऐसे पोस्ट भरे पड़े हैं, जिनमें वे बताते हैं कि इस उम्र में वे आखिरकार अपनी जिंदगी का सबसे अच्छा समय जी रहे हैं।
अन्य अध्ययन
एक अध्ययन से व्यक्ति के बूढ़ा होने की उम्र भी आई सामने
एक पिछले अध्ययन में यह पता लगाने की कोशिश की गई थी कि किस उम्र के बाद किसी व्यक्ति को बूढ़ा माना जाता है। इस अध्ययन के लिए 2,000 से अधिक ब्रिटिश नागरिकों पर एक सर्वे किया गया, जिससे पता चला कि 69 वर्ष की आयु के बाद व्यक्ति बूढ़ा होता है। हालांकि, उम्र भले कोई भी हो खुशहाल जीवन के लिए खुद का ध्यान रखना जरूरी है।