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भारत के 5 पारंपरिक बोर्ड गेम, जिनके बारे में आपको शायद ही पता होगा
भारत के 5 पारंपरिक बोर्ड गेम

भारत के 5 पारंपरिक बोर्ड गेम, जिनके बारे में आपको शायद ही पता होगा

लेखन सयाली
Sep 29, 2026
05:39 pm

क्या है खबर?

पारंपरिक बोर्ड गेम भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा रहे हैं। ये न केवल मनोरंजन का साधन होते हैं, बल्कि परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने का भी एक बेहतरीन तरीका हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे पारंपरिक बोर्ड गेम के बारे में बताने जा रहे हैं, जो शायद आप नहीं जानते होंगे। इन खेलों में न केवल मजा आता है, बल्कि ये दिमागी कसरत करने का भी एक अच्छा तरीका हैं।

#1

चौसर

चौसर एक प्राचीन भारतीय बोर्ड गेम है, जिसे बहुत समय पहले खेला जाता था। यह खेल 2 खिलाड़ियों के बीच होता है, जिसमें हर खिलाड़ी अपनी गोटियों को एक बोर्ड पर चलाता है।

चौसर को आज भी कई लोग पसंद करते हैं, क्योंकि यह सोचने और योजना बनाने की क्षमता को बढ़ावा देता है। इस खेल को खेलने के लिए धैर्य और योजना बनाना बहुत जरूरी होता है।

इसे खेलने में आपको आनंद आएगा।

#2

पचीसी

पचीसी एक और लोकप्रिय बोर्ड गेम है, जिसे लकड़ी या कपड़े पर खेला जाता है। इसमें 2 से 4 खिलाड़ी होते हैं और हर खिलाड़ी के पास गोटियां होती हैं, जिन्हें अपने घर तक पहुंचाना होता है।

इस खेल में पासा फेंककर आगे बढ़ना होता है और विरोधी की गोटियों को रोकना भी जरूरी होता है। पचीसी को आजकल लूडो के नाम से जाना जाता है, लेकिन इसका असली रूप कुछ अलग ही है।

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#3

चतुरंग

माना जाता है कि चतुरंग ही आधुनिक शतरंज का शुरुआती रूप है। छठी सदी के आसपास भारत में शुरू हुए इस खेल में सैन्य रणनीति के 4 हिस्से होते हैं: पैदल सेना, घुड़सवार सेना, हाथी और रथ।

यह खेल 8-बाई-8 के ग्रिड पर खेला जाता है और इसमें खिलाड़ियों को अपने मोहरों को बचाते हुए विरोधी के मोहरों को पकड़कर उन्हें मात देनी होती है।

यह खेल अब लुफ्त-सा हो गया है।

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#4

चौका बारा

चौका बारा एक और दिलचस्प पारंपरिक भारतीय बोर्ड गेम है, जो सदियों से खेला जा रहा है। इसमें 4 हिस्सों में बंटे चौकोर बोर्ड पर मोहरों को आगे बढ़ाया जाता है।

खिलाड़ी कौड़ियों को पासे की तरह इस्तेमाल करके और सोच-समझकर चालें चलकर विरोधी के रास्ते रोकते हुए अपने मोहरों को शुरुआती जगह से आखिरी जगह तक पहुंचाने की होड़ करते हैं।

#5

छपाक

छपाक एक ऐसा खेल है, जिसमें 2 से 4 खिलाड़ी होते हैं। इसमें लकड़ी या कपड़े पर एक बड़ा बोर्ड बनाया जाता है, जिसमें अलग-अलग रंगों की पत्तियां होती हैं।

हर रंग की अपनी अलग अहमियत होती है। खिलाड़ी अपनी चाल चलकर विरोधी की पत्तियों को हटाने की कोशिश करते रहते हैं।

इन सभी पारंपरिक बोर्ड गेम को आज भी लोग बड़े चाव से खेलते हैं, क्योंकि ये न केवल मनोरंजन, बल्कि मानसिक विकास के लिए भी फायदेमंद होते हैं।

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