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गायक ऊंचे सुरों में आसानी से गाने के लिए अपना सकते हैं ये प्रभावी तकनीकें
ऊंचे सुरों में गाना सीखने के टिप्स

गायक ऊंचे सुरों में आसानी से गाने के लिए अपना सकते हैं ये प्रभावी तकनीकें

लेखन सयाली
Jan 28, 2026
02:42 pm

क्या है खबर?

गायकी में ऊंचे सुरों को सही तरीके से गाना एक चुनौतीपूर्ण काम होता है। हालांकि, इसे सही तकनीकों और अभ्यास से आसानी से सीखा जा सकता है। इस लेख में हम कुछ ऐसी तकनीकों के बारे में जानेंगे, जो गायकों को ऊंचे सुरों में आसानी से गाने में मदद कर सकते हैं। इन तकनीकों का पालन करके आप अपनी आवाज की स्केल बढ़ा सकते हैं और ज्यादा सुरीला गा सकते हैं।

#1

सांस पर नियंत्रण का अभ्यास करें

तार सप्तक यानि ऊंचे सुरों को गाने के लिए सांस पर नियंत्रण बहुत जरूरी है। सही तरीके से सांस लेने और छोड़ने से आपकी आवाज में स्थिरता आएगी और आप ऊंचे सुरों को आसानी से गा सकेंगे। इसके लिए रोजाना गहरी सांस लेने और धीरे-धीरे छोड़ने का अभ्यास करें। इससे आपके फेफड़ों की क्षमता बढ़ेगी और आप अधिक समय तक गा सकेंगे। इसके अलावा सांस पर नियंत्रण से आपकी आवाज में भी सुधार होगा।

#2

रियाज करें

गायन शुरू करने से पहले रियाज करना बेहद जरूरी होता है। इससे आपकी आवाज तैयार होती है और गाने में कोई रुकावट नहीं आती। रियाज करने के लिए आप सरगम का अभ्यास कर सकते हैं या फिर केवल एक-एक सुर गा सकते हैं। इससे आपकी आवाज में लचीलापन आएगा और आप ऊंचे सुरों को बेहतर तरीके से गा सकेंगे। पहले मन्द्र सप्तक से शुरुआत करें और धीरे-धीरे करके तार सप्तक तक का रियाज करें।

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#3

सही मुद्रा में खड़े हों

गाने के दौरान आपकी शरीर की मुद्रा का भी महत्व होता है। खड़े होकर गाने से सांस लेने की क्षमता बढ़ती है और आवाज अधिक स्थिर रहती है। इसके अलावा सिर, गर्दन और पेट की सही स्थिति से आपकी आवाज में ताकत आ सकती है। खड़े होकर गाने से आपके फेफड़ों की क्षमता भी बढ़ती है और आप अधिक समय तक सुरों को रोक सकते हैं। सही मुद्रा से आप ऊंचे सुरों को बेहतर तरीके से गा सकेंगे।

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#4

नियमित अभ्यास करें

ऊंचे सुरों को गाने के लिए नियमित अभ्यास बहुत जरूरी है। रोजाना कुछ मिनट ऊंचे सुरों का अभ्यास करें, इससे आपकी आवाज में स्थिरता आएगी और आप अधिक आत्मविश्वास महसूस करेंगे। इसके अलावा नियमित अभ्यास से आपकी फेफड़ों की क्षमता बढ़ेगी और सुरों की समझ भी बेहतर होती जाएगी। हर दिन सुबह एक घंटा रियाज करें और शाम के समय भी एक घंटे अभ्यास करें। ऊंचे सुरों वाले गाने गाना भी फायदेमंद होगा।

#5

धैर्य रखें

तार सप्तक में गाना एक मुश्किल काम है, जिसे सीखने में समय लगता है। इसलिए, धैर्य रखना बहुत जरूरी है और आपको जल्दी परिणाम की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। नियमित अभ्यास और सही तकनीकों का पालन करके आप धीरे-धीरे अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। इस दौरान हर न मानें और रोजाना प्रयास करते रहें। कुछ ही दिनों में आपको परिणाम नजर आने लगेंगे और समय के साथ आप पारंगत होते जाएंगे।

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