क्या आपकी धमनियां हो रही हैं ब्लॉक? जानिए इससे जुड़े 5 संकेत
क्या है खबर?
जब शरीर के किसी हिस्से में खून का प्रवाह कम हो जाता है तो उस हिस्से को नुकसान पहुंचाने वाली अशुद्धियों के जमाव के कारण खून की रुकावट हो सकती है। यह रुकावट तब होती है जब शरीर में चर्बी का स्तर बढ़ता है और खून में मौजूद अशुद्धियां धमनियों की दीवारों पर जमती हैं। आइए आज हम आपको कुछ ऐसे संकेत बताते हैं, जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि आपकी धमनियां ब्लॉक हो रही हैं।
#1
सांस लेने में दिक्कत होना
अगर आपको सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो यह आपकी ब्लॉक धमनियों का एक स्पष्ट संकेत हो सकता है। इस स्थिति में धमनियां दिल और फेफड़ों तक पर्याप्त ऑक्सीजन युक्त खून पहुंचाने में असमर्थ हो जाती हैं। इससे फेफड़ों के कमजोर होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा सांस लेने में दिक्कत होने से व्यक्ति को थकान और चक्कर आने जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है।
#2
सीने में दर्द होना
अगर आपको सीने में दर्द हो रहा है तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सीने में दर्द होना इस बात का संकेत हो सकता है कि आपकी धमनियां ब्लॉक हो रही हैं। इस तरह का दर्द धमनियों में खून के प्रवाह की कमी के कारण होता है। धमनियों में खून का प्रवाह कम होने से दिल तक पर्याप्त ऑक्सीजन युक्त खून नहीं पहुंच पाता, जिससे सीने में जलन और दर्द हो सकता है।
#3
पैरों और हाथों में सूजन आना
अगर आपके हाथों और पैरों में सूजन आ रही है तो यह भी ब्लॉक धमनियों का एक संकेत हो सकता है। इस स्थिति में रुकावट के कारण शरीर का खून का प्रवाह ठीक से काम नहीं कर पाता, जिससे हाथों और पैरों में सूजन आ सकती है। इस स्थिति में भी बिना देरी किए अपने डॉक्टर से तुरंत परामर्श करें। ऐसा करने से आपको बहुत फायदा होगा और आप जल्दी ठीक हो सकेंगे।
#4
अधिक रक्तचाप होना
ब्लॉक धमनियों के कारण अधिक रक्तचाप की समस्या हो सकती है। इस स्थिति के कारण खून के प्रवाह में रुकावट आती है, जिससे रक्तचाप बढ़ने लगता है। ब्लॉक धमनियों के कारण खून के प्रवाह में रुकावट आने से दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे रक्तचाप का स्तर बढ़ जाता है। अगर आपको अधिक रक्तचाप की समस्या है तो डॉक्टर से संपर्क करें और समय-समय पर अपना रक्तचाप चेक करवाते रहें।
#5
सिरदर्द होना
अगर आपको लगातार सिरदर्द हो रहा है तो यह भी ब्लॉक धमनियों का एक संकेत हो सकता है। इस स्थिति के कारण खून के प्रवाह में रुकावट आने लगती है, जिससे सिरदर्द होने लगता है। इस समस्या से राहत पाने के लिए सबसे पहले डॉक्टर से संपर्क करें, ताकि समय रहते इसका सही इलाज हो सके। इसके अलावा खुद से कोई भी दवा न लें और न ही खुद से कोई उपचार करें।