कोलकाता को 'सिटी ऑफ जॉय' क्यों कहा जाता है? जानिए इसके 5 कारण
क्या है खबर?
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता को अक्सर 'सिटी ऑफ जॉय' कहा जाता है। यह नाम इस शहर की खुशहाल और जीवंत संस्कृति को दर्शाता है। कोलकाता अपने ऐतिहासिक स्थलों, कला, साहित्य और खाने-पीने के लिए मशहूर है। यहां की गलियों में घूमते हुए आपको एक अलग ही दुनिया का एहसास होगा। इस लेख में हम जानेंगे कि आखिर किन कारणों से कोलकाता को यह उपनाम मिला। यहां की जीवनशैली और लोगों की मेहमाननवाजी इस उपनाम को सही ठहराते हैं।
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कला और साहित्य का केंद्र
कोलकाता को कला और साहित्य का गढ़ माना जाता है। यहां कई मशहूर कवि, लेखक और कलाकार हुए हैं, जिन्होंने इस शहर को अपनी कला से सजाया है। रवींद्रनाथ ठाकुर, सुकांत भट्टाचार्य जैसे महान कवियों की धरती होने के नाते कोलकाता में साहित्यिक गतिविधियां हमेशा जीवंत रहती हैं। यहां हर साल कोलकाता पुस्तक मेला होता है जिसमें देश-विदेश के लेखक और पाठक शामिल होते हैं।
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त्योहारों का शहर
कोलकाता में हर साल दुर्गा पूजा, पोइला बोइशाख (नववर्ष), काली पूजा जैसे कई बड़े त्योहार मनाए जाते हैं। इन त्योहारों के दौरान शहर की रौनक देखते ही बनती है। दुर्गा पूजा के समय तो पूरा शहर एक महोत्सव जैसा दिखता है जब हर गली को खूबसूरत पंडालों से सजाया जाता है। इसके अलावा पोइला बोइशाख पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जो इसे खास बनाते हैं। इन त्योहारों का माहौल कोलकाता की जीवनशैली का अहम हिस्सा हैं।
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खाने-पीने की विविधता
कोलकाता अपने खाने-पीने के लिए भी बहुत मशहूर है। यहां की मिठाइयां जैसे रसगुल्ला, माला पोकुरा आदि तो हर किसी को पसंद आती हैं। इसके अलावा यहां के व्यंजन जैसे लुचि-चोमचोम आदि भी बहुत लोकप्रिय हैं। सर्दियों में यहां मिलने वाले फुचका और काठी रोल तो खासतौर पर मशहूर हैं। यहां के स्ट्रीट फूड भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। यहां का खाना न केवल स्वादिष्ट बल्कि सेहत के लिए भी अच्छा है।
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ऐतिहासिक स्थल
कोलकाता ऐतिहासिक दृष्टि से भी बहुत समृद्ध है। यहां विक्टोरिया मेमोरियल, इंडियन म्यूजियम, कालीघाट मंदिर जैसे कई ऐतिहासिक स्थल हैं, जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। विक्टोरिया मेमोरियल को सफेद संगमरमर से बनाया गया था और यह ब्रिटिश राज के दौरान बना था। इंडियन म्यूजियम देश का सबसे पुराना म्यूजियम है, जिसमें प्राचीन कलाकृतियां रखी हुई हैं। कालीघाट मंदिर देवी काली को समर्पित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है जहां हर साल हजारों श्रद्धालु आते हैं।
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लोगों की मेहमाननवाजी
कोलकातावासियों की मेहमाननवाजी भी बहुत मशहूर है। यहां के लोग बहुत मिलनसार और मददगार होते हैं, जो हर आगंतुक को घर जैसा एहसास कराते हैं। चाहे आप किसी भी भाषा बोलें, यहां के लोग आपकी मदद करने को हमेशा तैयार रहते हैं। इस प्रकार कोलकाता कई कारणों से 'सिटी ऑफ जॉय' कहलाता है। यहां की कला-संस्कृति, त्योहारों का माहौल, खाने-पीने की विविधता, ऐतिहासिक स्थल और लोगों की मेहमाननवाजी मिलकर इस उपनाम को सही ठहराते हैं।