Gen-Z को करवानी चाहिए ये 5 स्वास्थ्य जांच, बीमारियों से होगा बचाव और रहेंगे स्वस्थ
क्या है खबर?
1997 से लेकर 2012 के बीच पैदा होने वाले लोगों को Gen-Z की श्रेणी में रखा जाता है। इस साल इस पीढ़ी के लोगों की उम्र 14 से 29 साल के बीच होगी, जो कि युवा और युवा वयस्क कहलाएंगे। युवा अक्सर अपनी सेहत को प्राथमिकता न देने की गलती कर बैठते हैं। ऐसे में वे बीमार पड़ जाते हैं और धीरे-धीरे उनका शरीर कमजोर होता जाता है। Gen-Z को समय-समय पर ये 5 स्वास्थ्य जांच करवाती रेहनी चाहिए।
#1
दांत और आंखों की जांच
आज के डिजिटल युग में आखों पर काफी तनाव पड़ता है। ऐसे में जरूरी है कि आप समय-समय पर अपनी आखों की जांच करवाते रहें। इससे आंखों की समस्याओं का जल्दी पता लग जाएगा और जरूरत पड़ने पर आपको चश्मा लग जाएगा। इसके साथ दांतों का स्वास्थ्य परीक्षण करवाना भी अहम होता है। इससे कैविटी, मसूड़ों की बीमारी और मुंह के कैंसर जैसी समस्याओं का पता जल्दी लग जाता है। साथ ही दांतों की सफाई भी करवाई जा सकती है।
#2
कोलेस्ट्रॉल
वैसे तो कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की समस्या 30 के बाद देखने को मिलती है। हालांकि, खराब जीवनशैली और अस्वास्थ्यकर खान-पान के चलते यह परेशानी Gen-Z को भी हो सकती है। आपको अपना लिपिड प्रोफाइल परीक्षण करवाना चाहिए, जिससे कुल कोलेस्ट्रॉल, LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल), HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) और ट्राइग्लिसराइड्स का पता चलता है। इन्हें करवाने से हृदय रोग की पहचान करना आसान हो जाता है। अगर आपके परिवार में किसी को दिल की बीमारी रही है तो इसे हर साल जरूर करवाएं।
#3
ब्लड प्रेशर
आज का युवा तनाव से जूझ रहा है, जिसके चलते ब्लड प्रेशर बढ़ना आम बात लगने लगी है। हालांकि, यह एक गंभीर समस्या होती है, जो आगे चलकर बीमारियों का कारण बन सकती है। ब्लड प्रेशर बढ़ने से दिल, दिमाग, किडनी और आंखों पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे में जरूरी है कि आप समय-समय पर अपना ब्लड प्रेशर चेक करवाएं और उसे स्थिर बनाए रखने की कोशिश करें। ऐसा करना मानसिक स्वास्थ्य के लिहाज से भी अहम है।
#4
ब्लड शुगर
पिछले कुछ सालों में Gen-Z में मधुमेह के मामले चिंताजनक रूप से बढ़ रहे हैं। बड़ी संख्या में लोगों का ग्लूकोज का स्तर असामान्य है या वे प्रीडायबिटीज हैं। इन परेशानियों से बचने के लिए सालाना या हर 6 महीने पर ब्लड शुगर की जांच करवाएं। आपको फास्टिंग ब्लड शुगर लेवल और ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन (HbA1c) परीक्षण करवाने चाहिए। जल्दी मधुमेह का पता लगने से जटिलताओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
#5
थायराइड परीक्षण
थायराइड हमारे देश में एक आम स्वास्थ्य समस्या है। इस हार्मोन के असंतुलन से या तो हाइपरथायरायडिज्म (थायराइड हार्मोन का ज्यादा होना) या हाइपोथायरायडिज्म (थायराइड हार्मोन की कमी) हो सकता है। इस बीमारी का पता लगाने के लिए आपको फ्री T3, फ्री T4 और TSH (थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन) जैसे स्वास्थ्य परीक्षण करवाने चाहिए। ये सभी स्वास्थ्य जांच हर साल करवाएं, ताकि आपका स्वास्थ्य अच्छा बना रहे और आप बीमारियों से पूरी तरह सुरक्षित रह सकें।