
रातभर जागते हैं ये 5 जानवर, जानिए इनके बारे में कुछ अहम बातें
क्या है खबर?
कई जानवर दिन और रात दोनों समय सक्रिय रहते हैं, जबकि कुछ जानवर सिर्फ रात में ही बाहर निकलते हैं। ऐसे जानवरों को 'रात के प्राणी' कहा जाता है। ये रात के समय अपने शिकार का पीछा करते हैं और दिन के समय आराम करना पसंद करते हैं। आइए आज हम आपको पांच ऐसे जानवरों के बारे में बताते हैं, जो रात के समय ही ज्यादा सक्रिय रहते हैं।
#1
उल्लू
उल्लू एक ऐसा पक्षी है, जो ज्यादातर समय रात में ही बाहर निकलता है। ये अपने शिकार को आसानी से पकड़ने के लिए रात में शिकार करना पसंद करते हैं। उल्लू की आंखें बड़ी होती हैं, जिससे उन्हें रात में भी साफ नजर आता है। इसके अलावा उल्लू की सुनने की क्षमता भी बहुत तेज होती है, जिससे वे अपने शिकार को आसानी से ढूंढ सकते हैं। उल्लू आमतौर पर छोटे-छोटे जीवों का शिकार करते हैं।
#2
रैकून
रैकून एक ऐसा जानवर है, जो ज्यादातर रात में सक्रिय रहता है। यह अपने छोटे हाथों का इस्तेमाल करके चीजों को खोलने और समझने में माहिर होता है। रैकून अपने हाथों की उंगलियों का इस्तेमाल करके जार, टोकरी और यहां तक कि दरवाजे तक खोल सकता है। यह जानवर अपनी होशियारी के लिए जाना जाता है, जो उसे रात के अंधेरे में भी काम करने की क्षमता देता है।
#3
ऊदबिलाव
ऊदबिलाव एक अनोखा जानवर है, जो ज्यादातर रात में ही सक्रिय रहता है। यह अपने कांटेदार शरीर के लिए जाना जाता है, जो इसे प्राकृतिक शिकारियों से बचाता है। ऊदबिलाव अपने कांटों का इस्तेमाल करके खुद को सुरक्षित रखता है और रात में भोजन की तलाश करता है। इस जानवर की खासियत यह है कि यह अपनी पीठ पर कांटे उगाता है, जो उसे अन्य जानवरों से अलग बनाते हैं।
#4
लोमड़ी
लोमड़ी एक ऐसा जानवर है, जो बर्फीले क्षेत्रों में पाया जाता है। यह जानवर भी ज्यादातर रात में ही सक्रिय रहता है ताकि वह अपने शिकार को आसानी से पकड़ सके। लोमड़ी अपने सफेद फर के लिए जानी जाती है, जो उसे बर्फीले माहौल में छिपने में मदद करता है। इसके अलावा लोमड़ी की सुनने की क्षमता भी बहुत तेज होती है, जिससे वे अपने शिकार को आसानी से ढूंढ सकते हैं।
#5
जगुआर
जगुआर एक बड़ा बिल्ली प्रजाति का जानवर है, जो दक्षिण अमेरिका में पाया जाता है। यह जानवर भी ज्यादातर रात में ही सक्रिय रहता है ताकि वह अपने शिकार को आसानी से पकड़ सके। जगुआर अपनी ताकत और फुर्ती के लिए जाना जाता है, जो इसे अन्य जानवरों से अलग बनाते हैं। इसके अलावा जगुआर की सुनने की क्षमता भी बहुत तेज होती है, जिससे वे अपने शिकार को आसानी से ढूंढ सकते हैं।