दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार, योगेश सिंह लगातार दूसरी बार बने कुलपति
प्रोफेसर योगेश सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति के तौर पर अपना दूसरा 5 साल का कार्यकाल शुरू कर दिया है।
स्वतंत्रता के बाद वे दिल्ली विश्वविद्यालय के पहले ऐसे कुलपति बन गए हैं, जिन्हें लगातार दूसरी बार इस पद पर नियुक्त किया गया है।
भारत के राष्ट्रपति ने उनकी इस दोबारा नियुक्ति को आधिकारिक मंजूरी दी है, जो विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण पल है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के 2023 के अधिनियम से कुलपतियों की दोबारा नियुक्ति संभव हुई
कुलपति योगेश की दोबारा वापसी दिल्ली विश्वविद्यालय अधिनियम में 2023 में हुए बदलाव की वजह से ही मुमकिन हो पाई है। इस बदलाव के बाद अब कुलपतियों को लगातार 2 बार कार्यकाल संभालने की छूट मिल गई है।
अगर वे अपना यह कार्यकाल पूरा करते हैं, तो वे साल 2031 तक इस पद पर बने रहेंगे।
योगेश अपने मजबूत नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी का नेतृत्व किया है और वे नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (दिल्ली) के निदेशक भी रह चुके हैं।