यमुना एक्सप्रेसवे अग्निकांड: 9 की मौत; 60 चालानों वाली बस सड़क पर कैसे?
यमुना एक्सप्रेसवे पर एक भीषण बस हादसे में 9 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में महोबा भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता की पत्नी सुनीता और उनके बेटे शशांक भी शामिल हैं। यात्रियों ने बस में जलने की बदबू आने की शिकायत भी की थी, लेकिन ड्राइवर ने उनकी बात को अनसुना कर दिया था।
बताया जा रहा है कि सुनीता को चलने में दिक्कत होती थी और वो बस की आखिरी सीट पर बैठी थीं। आग लगने पर उनके बेटे शशांक ने उन्हें बस से बाहर निकालने की पूरी कोशिश की।
AC में खराबी से इंजन ऑयल में लगी आग
जांच में सामने आया है कि बस के AC में खराबी की वजह से इंजन ऑयल में आग लग गई, जिससे ये भीषण हादसा हुआ। यात्रियों की चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए ड्राइवर और कंडक्टर बस चलाते रहे और तो और सिगरेट भी पीते रहे।
अब पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस बस के नाम 60 से ज्यादा ट्रैफिक नियम तोड़ने के मामले दर्ज थे। इतना ही नहीं, बस पर 1.7 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना भी बकाया था, जो भरा नहीं गया था। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इतनी सारी कमियों और जुर्माने वाली बस आखिर सड़कों पर कैसे चल रही थी।