पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के चलते केरल से हुआ हजारों मजदूरों का पलायन, ठप पड़े उद्योग-धंधे
केरल में निर्माण, खेती-बाड़ी और प्लाईवुड जैसे जरूरी क्षेत्रों में अचानक काम धीमा पड़ गया है। इसकी वजह है हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूरों का अपने घर लौटना। ये मजदूर पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनावों में हिस्सा लेने के लिए जा रहे हैं, जो 23 और 29 अप्रैल को होने हैं। इससे पहले 9 अप्रैल को असम में वोटिंग हो चुकी है। कई मजदूरों को चिंता थी कि अगर वे केरल में ही रहते, तो वोटर लिस्ट में हाल ही में हुए बदलावों के कारण शायद वोट नहीं दे पाते।
पेरुम्बवूर की प्लाईवुड यूनिट्स में उत्पादन बंद
मजदूरों की इस कमी का गहरा असर दिख रहा है। कई कंपनियों में तो सामान्य से बहुत कम मजदूर बचे हैं। पेरुम्बवूर में प्लाईवुड बनाने वाली करीब 70 प्रतिशत यूनिट्स ने तो उत्पादन ही रोक दिया है। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि हालात सामान्य कब होंगे, क्योंकि चुनाव खत्म होने के बाद भी कई मजदूरों को अपने घरों पर खेती-बाड़ी के काम संभालने होंगे। एक मजदूर ने बताया कि उसे डर था कि अगर उसने वोट नहीं दिया तो कहीं उसकी नागरिकता ही न छिन जाए।