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जनगणना में पूछे गए 33 सवालों का गलत जवाब देना होगा अपराध? जानिए क्या होगी कार्रवाई
जनगणना में पूछे गए 33 सवालों का लोगों को देना होगा सही जवाब

जनगणना में पूछे गए 33 सवालों का गलत जवाब देना होगा अपराध? जानिए क्या होगी कार्रवाई

Mar 31, 2026
03:12 pm

क्या है खबर?

देश की पहली डिजिटल जनगणना का पहला चरण बुधवार (1 अप्रैल) से शुरू होने जा रहा है। यह 2011 के बाद देश की पहली जनगणना होगी। जनगणना 2027 को 2 चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण में मकान सूचीकरण और आवास जनगणना (HLO) और दूसरा चरण में जनसंख्या गणना (PE) होगा। HLO में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनका सही जवाब देना अनिवार्य होगा। इसकी गलत जानकारी देने पर कार्रवाई होगी। आइए इसके प्रावधानों पर नजर डालते हैं।

खासियत

भारत में पहली बार होगी डिजिटल मतगणना

यह भारतीय इतिहास की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें मोबाइल ऐप, ऑनलाइन स्व-गणना और वास्तविक समय की निगरानी का उपयोग होगा। यह 1931 के बाद पहली जनगणना भी है जिसमें सभी जातियों का भी डाटा एकत्र किया जाएगा। ऑनलाइन स्वगणना में परिवार अपना विवरण दर्ज करने के लिए सरकारी पोर्टल या किसी ऐप का उपयोग कर सकते हैं। इसके बाद उन्हें एक विशिष्ट ID दी जाएगी, जो उन्हें अपने घर पहुंचने वाले जनगणनाकर्मियों को देनी होगी।

सवाल

क्या सवालों का गलत जवाब देना होगा अपराध?

जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी देता है या अपनी जानकारी के अनुसार सवालों का जवाब देने से मना करता है, तो यह कानूनन अपराध माना जाता। इस अपराध के लिए 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अधिनियम की धारा 8 के तहत हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह जनगणना अधिकारी को सही और सटीक जानकारी दे। ऐसे में नागरिकों को पूछे जाने वाले हर सवाल का सही जवाब देना होगा।

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अधिकारी

जनगणना अधिकारियों के लिए भी है सजा का प्रावधान

जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने को लेकर अधिकारियों के खिलाफ भी सजा का प्रावधान किया गया है। अगर, कोई भी जनगणना अधिकारी या जनगणना कार्य में लगा कर्मचारी अधिनियम के तहत सौंपे गए कर्तव्यों का पालन करने से इनकार करता है या किसी अन्य को ऐसे कर्तव्यों का निर्वहन करने से रोकता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत उस पर 1,000 रुपये का जुर्माने से लेकर 3 साल तक जेल की सजा का प्रावधान है।

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जानकारी

आपत्तिजनक प्रश्न पूछने पर भी होगी कार्रवाई

जनगणना की गाइडलाइन के अनुसार, अगर कोई भी जनगणना अधिकारी या कर्मचारी लोगों से जानबूझकर आपत्तिजनक या अनुचित प्रश्न पूछता है तो उस पर मुकदमा चलाया जा सकता है। हालांकि, लोगों को इस संबंध में शिकायत दर्ज करानी होगी।

सवाल

जगणना के पहले चरण में कौनसे सवाल पूछे जाएंगे?

जनगणना के पहले चरण में मकान संख्या, जनगणना मकान नंबर, मकान में इस्तेमाल सामग्री (मिट्टी, लकड़ी, सीमेंट, पत्थर आदि), दीवार में इस्तेमाल सामग्री, छत में इस्तेमाल सामग्री, मकान का उपयोग, मकान की हालत, घर का नंबर, परिवार में रहने वाले लोगों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, मुखिया का जेंडर, मुखिया अनुसूचित जाति और समुदाय, मकान का मालिकाना हक, मकान में कमरों की संख्या और परिवार में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या जैसे सवाल पूछे जाएंगे।

अन्य

ये सवाल भी पूछेंगे अधिकारी?

जनगणना में पीने के पानी स्रोत, पानी के स्रोत की जगह, रोशनी का स्रोत, शौचालय की उपलब्धता और ड्रेनेज, बाथरूम की उपलब्धता, रसोई की उपलब्धता और LPG/PNG कनेक्शन और खाना पकाने के लिए उपयोग किए जाने वाले ईंधन की जानकारी लेंगे। इसी तरह रेडियो और टेलीविजन की उपलब्धता, इंटरनेट की सुविधा और उसका प्रकार, लैपटॉप और कंप्यूटर की उपलब्धता, टेलीफोन/मोबाइल/स्मार्टफोन, साइकिल की उपलब्धता, स्कूटर/ मोटरसाइकिल/ मोपेड की उपलब्धता और कार/जीप/ वैन की उपलब्धता की भी जानकारी मांगी जाएगी।

जनगणना

किस राज्य में कब होगी जनगणना?

दिल्ली, अंडमान और निकोबार, गोवा, कर्नाटक, लक्ष्यद्वीप, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम में 1-15 अप्रैल तक ऑनलाइन स्व-गणना और 16 अप्रैल से 15 मई तक ऑफलाइन जनगणना होगा। इसी तरह गुजरात, दादर-नागर हवेल और दमन-दीव में 5-19 अप्रैल ऑनलाइन और 20 अप्रैल से 19 मई तक ऑफलाइन, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और चंडीगढ़ में 16-30 अप्रैल ऑनलाइन और 1-30 मई तक ऑफलाइन, बिहार में 17 अप्रैल से 1 मई ऑनलाइन और 2-31 मई तक ऑफलाइन जनगणना होगी।

अन्य

अन्य राज्यों में कब होगी?

तेलंगाना में 26 अप्रैल से 10 मई ऑनलाइन और 11 मई से 9 जून तक ऑफलाइन, पंजाब में 30 मई से 14 मई ऑनलाइन और 15 मई से 13 जून तक ऑफलाइन जनगणना होगी। महाराष्ट्र, मेघालय, राजस्थान और झारखंड में 1-15 मई तक ऑनलाइन और 16 मई से 14 जून तक ऑफलाइन, उत्तर प्रदेश में 7-21 मई ऑनलाइन और 22 मई से 20 जून ऑफलाइन और जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पुदुचेरी में 17-31 मई ऑनलाइन और 1-30 जून तक ऑफलाइन जनगणना होगी।

हिमाचल

हिमाचल समेत इन राज्यों में कब होगी?

हिमाचल प्रदेश में 1-15 जून ऑनलाइन और 16 जून से 15 जुलाई तक ऑफलाइन, केरल और नागालैंड में 16-30 जून तक ऑनलाइन और 1-30 जुलाई तक ऑफलाइन, तमिलनाडु और त्रिपुरा में 17-31 जुलाई तक ऑनलाइन और 1-30 अगस्त तक ऑफलाइन जनगणना आयोजित होगी। इसी तरह असम में 2-16 अगस्त ऑनलाइन और 17 अगस्त से 15 जुलाई तक ऑफलाइन, मणिपुर में 17-31 अगस्त ऑनलाइन और 1-30 सितंबर ऑलाइन जनगणना होगी। हालांकि, पश्चिम बंगाल की तारीखें अभी निर्धारित नहीं है।

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